69000 शिक्षक भर्ती घोटाले पर बड़ा प्रहार, मुख्य आरोपी की 2 करोड़ की संपत्ति कुर्क
चर्चित 69000 शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में भदोही पुलिस ने इस घोटाले के मुख्य आरोपी और कथित किंगपिन मायापति दुबे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने उसकी करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर दी है।

UP News : उत्तर प्रदेश में चर्चित 69000 शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में भदोही पुलिस ने इस घोटाले के मुख्य आरोपी और कथित किंगपिन मायापति दुबे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने उसकी करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर दी है। आरोपी फिलहाल जेल में बंद है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई
यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई, जिसका उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मायापति दुबे ने फर्जीवाड़े और अवैध तरीकों से करोड़ों की संपत्ति इकट्ठा की थी, जिसे अब चिन्हित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त किया जा रहा है।
ईंट भट्ठा और मशीनरी पर चला प्रशासन का शिकंजा
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पैतृक गांवों में छापेमारी की। उसके भाई के परिवार के नाम पर चल रहे त्रिपति ईंट उद्योग को कुर्क किया गया। इस भट्ठे की कीमत करीब 1.60 करोड़ रुपये आंकी गई। इसके अलावा एक जेसीबी मशीन, तीन ट्रैक्टर जिनकी कुल कीमत करीब 38 लाख रुपये बताई जा रही है, उन्हें भी जब्त कर लिया गया।
परिजनों के नाम पर बनाई गई थी बेनामी संपत्ति
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए संपत्तियां अपने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी थीं। पुलिस अब इन सभी संपत्तियों की जांच कर रही है और आगे भी कुर्की की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है। मायापति दुबे का नेटवर्क केवल एक जिले तक सीमित नहीं था। भदोही, प्रयागराज, मऊ सहित कई जिलों में उसकी गतिविधियां फैली हुई थीं। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
एसटीएफ ने 2023 में किया था गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने मार्च 2023 में आरोपी को गिरफ्तार किया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में है। जांच के दौरान उसके शिक्षक भर्ती घोटाले में गहरे संबंध सामने आए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं है। जो भी व्यक्ति अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करेगा उसके खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम प्रदेश में अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।
UP News : उत्तर प्रदेश में चर्चित 69000 शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में भदोही पुलिस ने इस घोटाले के मुख्य आरोपी और कथित किंगपिन मायापति दुबे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने उसकी करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर दी है। आरोपी फिलहाल जेल में बंद है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई
यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई, जिसका उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मायापति दुबे ने फर्जीवाड़े और अवैध तरीकों से करोड़ों की संपत्ति इकट्ठा की थी, जिसे अब चिन्हित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त किया जा रहा है।
ईंट भट्ठा और मशीनरी पर चला प्रशासन का शिकंजा
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पैतृक गांवों में छापेमारी की। उसके भाई के परिवार के नाम पर चल रहे त्रिपति ईंट उद्योग को कुर्क किया गया। इस भट्ठे की कीमत करीब 1.60 करोड़ रुपये आंकी गई। इसके अलावा एक जेसीबी मशीन, तीन ट्रैक्टर जिनकी कुल कीमत करीब 38 लाख रुपये बताई जा रही है, उन्हें भी जब्त कर लिया गया।
परिजनों के नाम पर बनाई गई थी बेनामी संपत्ति
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए संपत्तियां अपने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी थीं। पुलिस अब इन सभी संपत्तियों की जांच कर रही है और आगे भी कुर्की की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है। मायापति दुबे का नेटवर्क केवल एक जिले तक सीमित नहीं था। भदोही, प्रयागराज, मऊ सहित कई जिलों में उसकी गतिविधियां फैली हुई थीं। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
एसटीएफ ने 2023 में किया था गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने मार्च 2023 में आरोपी को गिरफ्तार किया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में है। जांच के दौरान उसके शिक्षक भर्ती घोटाले में गहरे संबंध सामने आए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं है। जो भी व्यक्ति अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करेगा उसके खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम प्रदेश में अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।












