उत्तर प्रदेश के 1998 बैच के IPS अधिकारी भगवान एस. श्रीवास्तव को ADG तकनीकी सेवाएं के साथ ADG Crime का अतिरिक्त प्रभार मिला है। जानें उनकी पूरी प्रोफाइल, शिक्षा और करियर का सफर।

उत्तर प्रदेश पुलिस में 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले के बाद विभाग में जिम्मेदारियों का नया समीकरण सामने आया है। इस फेरबदल में 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी भगवान एस. श्रीवास्तव भी शामिल हैं, जिन्हें अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) तकनीकी सेवाएं, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की जिम्मेदारी के साथ अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) अपराध का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यानी तकनीकी सेवाओं की कमान संभालने के साथ अब अपराध विभाग की जिम्मेदारी भी उनके पास होगी। लखनऊ से ताल्लुक रखने वाले भगवान एस. श्रीवास्तव का पुलिस सेवा में लंबा अनुभव रहा है और उन्होंने समय के साथ DIG, IG और ADG जैसे महत्वपूर्ण पदों तक का सफर तय किया है। आखिर कौन हैं भगवान एस. श्रीवास्तव और कैसा रहा है उनका अब तक का सफर? आगे जानिए उनकी पूरी प्रोफाइल और करियर की कहानी।
उत्तर प्रदेश में हुए आईपीएस अधिकारियों के तबादले के बीच भगवान एस. श्रीवास्तव को अहम जिम्मेदारी मिली है। वह अपर पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के पद पर तैनात हैं। अब उनके पास अपर पुलिस महानिदेशक अपराध, उत्तर प्रदेश, लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। इस तरह तकनीकी सेवाओं के साथ अपराध विभाग की जिम्मेदारी भी उनके पास आ गई है। भगवान एस. श्रीवास्तव की नई जिम्मेदारी ऐसे समय में सामने आई है, जब उत्तर प्रदेश पुलिस में कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी के तौर पर उनका पुलिस सेवा का सफर लंबा रहा है। अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारी संभालते हुए वह DIG, IG और ADG के पद तक पहुंचे हैं।
भगवान एस. श्रीवास्तव का जन्म 19 दिसंबर 1974 को हुआ था। उनका गृह स्थान लखनऊ, उत्तर प्रदेश है। उनके पिता का नाम माधव एस. श्रीवास्तव है। पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने बीटेक की डिग्री हासिल की है और उनकी शैक्षणिक योग्यता केमिकल इंजीनियरिंग है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने पुलिस सेवा का रास्ता चुना और भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए। 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी के रूप में उनका पुलिस करियर शुरू हुआ। 28 दिसंबर 1998 उनकी भर्ती की तारीख है और 28 दिसंबर 2000 को उनकी सेवा की पुष्टि हुई।
भगवान एस. श्रीवास्तव का आईपीएस करियर वर्ष 1998 से शुरू हुआ। पुलिस सेवा में आगे बढ़ते हुए उन्हें वरिष्ठ स्तर की जिम्मेदारियां मिलती गईं। 31 मार्च 2002 को उन्हें सीनियर स्केल मिला। इसके बाद उनके करियर में लगातार महत्वपूर्ण पड़ाव आते गए। 1 जनवरी 2011 को उन्हें सेलेक्शन ग्रेड मिला। इसके बाद 31 दिसंबर 2012 को DIG के पद पर पदोन्नति हुई। करीब तीन साल बाद 6 जनवरी 2016 को वह IG के पद पर पहुंचे। पुलिस सेवा में आगे बढ़ते हुए 1 जनवरी 2023 को उन्हें ADG के पद पर पदोन्नति मिली। यह सफर बताता है कि 1998 बैच से शुरू हुई उनकी आईपीएस यात्रा ने उन्हें पुलिस विभाग के वरिष्ठतम पदों में से एक ADG तक पहुंचाया।
भगवान एस. श्रीवास्तव वर्तमान में अपर पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब इसी जिम्मेदारी के साथ उन्हें ADG Crime का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। यानी आने वाले समय में उनकी भूमिका तकनीकी सेवाओं के साथ अपराध विभाग से जुड़े कामकाज में भी रहेगी। 28 जुलाई 2026 उनकी वर्तमान पोस्टिंग की तारीख है और उनकी पोस्टिंग लखनऊ में है। तकनीकी सेवाओं के साथ अपराध विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिलने से उनकी मौजूदा जिम्मेदारी का दायरा और बढ़ गया है।
भगवान एस. श्रीवास्तव 1998 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 19 दिसंबर 1974 को हुआ और उनका गृह स्थान लखनऊ है। उन्होंने केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। 28 दिसंबर 1998 को आईपीएस सेवा में उनकी भर्ती हुई। पुलिस सेवा में आगे बढ़ते हुए उन्होंने सीनियर स्केल, सेलेक्शन ग्रेड और फिर DIG, IG तथा ADG के पदों तक का सफर तय किया। 1 जनवरी 2023 को उन्हें ADG के पद पर पदोन्नति मिली। वर्तमान में वह ADG तकनीकी सेवाएं के पद पर तैनात हैं और उन्हें ADG Crime का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
भगवान एस. श्रीवास्तव के करियर में नई जिम्मेदारी एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। तकनीकी सेवाओं की जिम्मेदारी संभालने के साथ अब उन्हें अपराध विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी मिला है। ऐसे में उनकी नई भूमिका उत्तर प्रदेश पुलिस के मौजूदा प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण हो गई है। लखनऊ से शुरू हुई उनकी पहचान अब उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के तौर पर सामने आती है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई से आईपीएस सेवा तक का सफर, 1998 बैच से शुरू हुई यात्रा और DIG से IG होते हुए ADG तक पहुंचना उनके करियर की प्रमुख कड़ियां हैं। अब तकनीकी सेवाओं के साथ ADG Crime की अतिरिक्त जिम्मेदारी उनके लंबे पुलिस करियर में एक और अहम अध्याय जोड़ती है।
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