उत्तर प्रदेश के आईपीएस विनय कुमार सिंह कौन हैं? जानिए अंबेडकरनगर से ताल्लुक रखने वाले गाजीपुर के नए एसपी की शिक्षा, पुलिस करियर, लखनऊ एटीएस में तैनाती और जालौन से स्थानांतरण की पूरी कहानी।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने 7 अक्टूबर 2026 को पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए 20 आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदल दिए हैं। इस प्रशासनिक बदलाव में जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह को गाजीपुर जिले की कमान सौंपी गई है, जबकि गाजीपुर के एसपी डॉ. ईरज राजा को बलिया भेजा गया है। करीब छह महीने पहले जालौन की जिम्मेदारी संभालने वाले विनय कुमार सिंह अब गाजीपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण की नई चुनौती का सामना करेंगे। अंबेडकरनगर से ताल्लुक रखने वाले विनय कुमार सिंह का पुलिस सेवा में लंबा अनुभव रहा है। लखनऊ एटीएस में एसपी से लेकर जालौन के पुलिस कप्तान तक का उनका सफर कैसा रहा, क्या है उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पुलिस सेवा का अनुभव? आइए, जानते हैं गाजीपुर के नए एसपी की पूरी प्रोफाइल।
विनय कुमार सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं। उनका मूल निवास अंबेडकरनगर, उत्तर प्रदेश में है। उनके पिता का नाम तेज प्रताप सिंह है। लंबे समय तक पुलिस सेवा में रहने के बाद उन्होंने आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई। गाजीपुर के नए पुलिस अधीक्षक के तौर पर उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने और पुलिस प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है। विनय कुमार सिंह की पहचान एक अनुभवी पुलिस अधिकारी के रूप में है। अलग-अलग जिम्मेदारियों पर काम करते हुए उन्होंने पुलिस प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों का अनुभव हासिल किया है। अब गाजीपुर में उनकी नई तैनाती के साथ जिले की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।
विनय कुमार सिंह का संबंध उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले से है। उनका जन्म 1 अक्टूबर 1968 को हुआ था। उन्होंने इतिहास विषय में परास्नातक यानी एमए की पढ़ाई की है। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने पुलिस सेवा में अपना करियर बनाया और समय के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियों में आगे बढ़ते गए। पुलिस सेवा में उनका सफर राज्य पुलिस सेवा से शुरू हुआ। उन्होंने 1 जून 1999 को स्टेट पुलिस सर्विस जॉइन की थी। इसके बाद कई वर्षों तक पुलिस विभाग में काम करने का अनुभव हासिल किया। साल 2018 में वह भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस में शामिल हुए। राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस तक का उनका सफर उनके लंबे सेवा अनुभव और प्रशासनिक करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है।
विनय कुमार सिंह ने अपने पुलिस करियर की शुरुआत राज्य पुलिस सेवा से की थी। 1 जून 1999 को सेवा में आने के बाद उन्होंने पुलिस विभाग में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। लगभग दो दशक के अनुभव के बाद साल 2018 में उन्हें आईपीएस अधिकारी बनने का अवसर मिला। उनकी पहचान 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी के रूप में है। राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा तक पहुंचना उनके करियर का अहम चरण रहा। पुलिस विभाग में लंबे समय तक काम करने से उन्हें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन से जुड़े कामों का अनुभव मिला। यही अनुभव उनकी नई जिम्मेदारी में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जालौन में तैनाती से पहले विनय कुमार सिंह लखनऊ में आतंकवाद निरोधक दस्ते यानी एटीएस के पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। एटीएस पुलिस की एक महत्वपूर्ण इकाई है, जो आतंकवाद से जुड़े मामलों और विशेष सुरक्षा चुनौतियों पर काम करती है। यहां एसपी के रूप में जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्हें जालौन जिले का पुलिस अधीक्षक बनाया गया। लखनऊ एटीएस में उनकी तैनाती उनके करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही। इसके बाद जिले की पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने का अवसर मिला। जालौन से गाजीपुर स्थानांतरण के साथ अब उनके कार्यक्षेत्र में एक बार फिर बदलाव हुआ है।
विनय कुमार सिंह को मार्च 2026 में जालौन का पुलिस अधीक्षक बनाया गया था। उन्होंने एक अप्रैल 2026 को जिले की कमान संभाली। उनका कार्यकाल करीब छह महीने का रहा। इस दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण, गंभीर घटनाओं के खुलासे और लंबित विवेचनाओं के निस्तारण पर जोर दिया। जालौन में पदभार संभालते समय उन्होंने कानून-व्यवस्था मजबूत करने, अपराध रोकने और आम जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया था। जिले में पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने थानों का निरीक्षण किया और पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उनके कार्यकाल में गंभीर मामलों की जांच और लंबित विवेचनाओं को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया गया। पुलिस अधीक्षक के तौर पर थानों की कार्यप्रणाली की निगरानी करना और पुलिसकर्मियों को जरूरी दिशा-निर्देश देना उनकी जिम्मेदारियों का हिस्सा रहा।
उत्तर प्रदेश सरकार के ताजा प्रशासनिक फेरबदल में विनय कुमार सिंह को जालौन से स्थानांतरित करके गाजीपुर का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं, गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा को बलिया जिले की जिम्मेदारी दी गई है। इस बदलाव के बाद विनय कुमार सिंह के सामने गाजीपुर में पुलिस प्रशासन को संभालने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी। पुलिस अधीक्षक जिले में पुलिस व्यवस्था के प्रमुख अधिकारियों में शामिल होता है। अपराध नियंत्रण, गंभीर घटनाओं पर कार्रवाई, थानों की निगरानी और आम जनता की शिकायतों पर पुलिस की प्रतिक्रिया जैसे महत्वपूर्ण कामों की जिम्मेदारी एसपी के पास होती है। ऐसे में गाजीपुर में विनय कुमार सिंह की भूमिका जिले की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगी।
जालौन में विनय कुमार सिंह ने कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता दी थी। अब गाजीपुर में भी उनकी भूमिका को इसी तरह की महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। जिले में पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना, गंभीर अपराधों की जांच में तेजी लाना और पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली की निगरानी करना नए पुलिस कप्तान के सामने प्रमुख जिम्मेदारियां होंगी।
विनय कुमार सिंह को 26 जनवरी 2025 को डीजी का सिल्वर प्रशंसा डिस्क प्रदान किया गया था। पुलिस विभाग में सेवा के दौरान मिलने वाला यह सम्मान उनके सेवा जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। लंबे पुलिस अनुभव, राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस तक के सफर और विभिन्न पदों पर काम करने के बाद अब उन्हें गाजीपुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विनय कुमार सिंह का जन्म 1 अक्टूबर 1968 को हुआ था और उनका मूल निवास अंबेडकरनगर, उत्तर प्रदेश है। उनके पिता का नाम तेज प्रताप सिंह है। उन्होंने इतिहास विषय में एमए की पढ़ाई की। एक जून 1999 को राज्य पुलिस सेवा में शामिल होने के बाद उन्होंने लंबे समय तक पुलिस विभाग में काम किया और साल 2018 में आईपीएस अधिकारी बने। लखनऊ एटीएस में एसपी रहने के बाद उन्हें जालौन का पुलिस अधीक्षक बनाया गया। अप्रैल 2026 में जालौन की कमान संभालने वाले विनय कुमार सिंह अब गाजीपुर के नए पुलिस अधीक्षक होंगे। गाजीपुर में उनकी नई जिम्मेदारी के साथ जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लोगों की नजर रहेगी। उनका लंबा पुलिस अनुभव इस नई भूमिका में अहम हो सकता है। आने वाले समय में गाजीपुर में उनकी प्राथमिकताएं और पुलिस व्यवस्था को लेकर उठाए जाने वाले कदम उनकी नई पारी की दिशा तय करेंगे।
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