लखनऊ में एक बड़ी शहरी विकास परियोजना के रूप में आईटी सिटी योजना की शुरुआत की है। यह परियोजना सुल्तानपुर रोड क्षेत्र में विकसित की जा रही है और इसका उद्देश्य शहर को आधुनिक आईटी और टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करना है।

UP News : लखनऊ डेवलपमेंट अथारिटी (LDA) ने लखनऊ में एक बड़ी शहरी विकास परियोजना के रूप में आईटी सिटी योजना की शुरुआत की है। यह परियोजना सुल्तानपुर रोड क्षेत्र में विकसित की जा रही है और इसका उद्देश्य शहर को आधुनिक आईटी और टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करना है।
इस योजना में पारंपरिक जमीन अधिग्रहण की बजाय लैंड पूलिंग मॉडल अपनाया गया है। इसका मतलब यह है कि किसानों से जबरन जमीन नहीं ली जा रही, बल्कि वे अपनी इच्छा से जमीन परियोजना के लिए देते हैं। बदले में उन्हें उनकी कुल जमीन का 25 प्रतिशत हिस्सा विकसित प्लॉट के रूप में वापस दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह मॉडल किसानों के लिए लाभकारी माना जाता है, क्योंकि विकसित प्लॉट की बाजार कीमत सामान्य कृषि भूमि की तुलना में अधिक होती है।
योजना के पहले चरण में उन भू-स्वामियों को प्राथमिकता दी जा रही है जिन्होंने 31 जनवरी 2026 तक लैंड पूलिंग प्रक्रिया पूरी कर ली थी। इनके लिए प्लॉट का आवंटन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। यह प्रक्रिया सुबह 10 बजे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स हॉल में आयोजित होगी। इस चरण में करीब 336 किसानों और भू-स्वामियों को प्लॉट मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर लगभग 549 विकसित प्लॉट आवंटित किए जाने की योजना है, हालांकि कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 870 तक बताई जा रही है।
आईटी सिटी योजना के अंतर्गत अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए छह प्रकार के प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे।
* 288 वर्ग मीटर
* 200 वर्ग मीटर
* 128 वर्ग मीटर
* 72 वर्ग मीटर
* 45 वर्ग मीटर
* 35 वर्ग मीटर
ये प्लॉट योजना के सेक्टर 15, 16, 17, 18 और 30 में स्थित होंगे। प्लॉट का आकार मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित भू-स्वामी ने कितनी जमीन परियोजना में दी है, जबकि सेक्टर और प्लॉट की सटीक स्थिति लॉटरी के जरिए तय की जाएगी।
यदि किसी भू-स्वामी को उसके हिस्से से अधिक क्षेत्रफल का विकसित प्लॉट मिलता है, तो अतिरिक्त जमीन के लिए उसे एलडीए द्वारा तय दर के अनुसार भुगतान करना होगा। एलडीए के अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना लखनऊ को आधुनिक शहरी ढांचे और आईटी क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में मदद करेगी। शुरुआती चरण में जमीन देने वाले किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके बाद इस योजना में आम नागरिकों के लिए भी पंजीकरण शुरू किया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को यहां आवासीय अवसर मिल सकेंगे। आईटी सिटी लगभग 2600 से 3500 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है। यह इलाका किसान पथ और अन्य प्रमुख सड़कों से जुड़ा हुआ है, जिससे आने वाले समय में यहां आवासीय और व्यावसायिक विकास की व्यापक संभावनाएं बन सकती हैं। UP News