गाजियाबाद में ‘जाणता राजा’ महानाट्य के पांचवें दिन मेरठ-मुरादाबाद मंडल से हजारों दर्शक पहुंचे। 28 अक्टूबर को सभी के लिए निःशुल्क मंचन और भोजन प्रसाद की व्यवस्था।

दिव्य प्रेम सेवा मिशन के सेवा प्रकल्पों की सहायता के लिए सनसिटी में चल रहे विश्व के सबसे बड़े महानाट्य ‘जाणता राजा’ की हुंकार ने दिल्ली-एनसीआर की हदें तोड़ दी हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज की हुंकार से सोमवार को दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अलावा पूरा मेरठ और मुरादाबाद मंडल गूंज उठा। सिर्फ मेरठ शहर से 60 से ज्यादा बसें स्कूली छात्र-छात्राओं और इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों को लेकर सनसिटी, गाजियाबाद पहुंचीं। दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम भैयाजी ने जब मोबाइल टॉर्च जलाकर छत्रपति शिवाजी महाराज का सम्मान करने को कहा, तो पूरा सनसिटी परिसर मोबाइल लाइट से जगमगा उठा।

दिव्य प्रेम सेवा मिशन ने विश्व के सबसे बड़े महानाट्य का मंचन देखने के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की थीं। सोमवार को मेरठ, मुरादाबाद, हापुड़, संभल और आसपास के इलाकों के दर्शकों के लिए विशेष दिन था। मेरठ मंडल के युवाओं की बड़ी तादाद में ‘जाणता राजा’ देखने पहुंचने पर मंचासीन अतिथियों ने इतिहास का स्मरण करते हुए कहा कि यही कारण है कि सोलहवीं सदी के बाद भारत में छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों का सबसे पहले रूपांतरण मेरठ में ही हुआ था। इसी मेरठ की धरती से वर्ष 1857 में पहली क्रांति शुरू हुई थी।

विश्व के सबसे बड़े महानाट्य के महामंचन के पांचवें दिन राजनीति, साहित्य और पत्रकारिता से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां पहुंचीं। इनमें लेखक, विचारक, संगठक और दिल्ली बीजेपी के प्रभारी श्री विनय सहस्त्रबुद्धे, वृंदावन की साधिका साधना श्री, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक महेंद्र जी, श्री मुकेश खांडेकर, राज्यसभा सांसद श्री प्रकाश पाल, भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री हर्षवर्धन सिंह, वरिष्ठ पत्रकार एवं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री प्रेम शुक्ला और सुदर्शन न्यूज चैनल के श्री सुरेश चव्हाणके समेत कई सम्माननीय अतिथि शामिल हुए।
कार्यक्रम के पांचवें दिन मुख्य अतिथि श्री विनय सहस्त्रबुद्धे ने दर्शकों को छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित ‘जाणता राजा’ देखने के तीन कारण बताए। उन्होंने कहा कि इसे देखने का पहला कारण छत्रपति शिवाजी महाराज के योगदान को समझना है। हमें अपने इतिहास को कभी नहीं भूलना चाहिए। मध्य एशिया और ईरान जैसे क्षेत्रों से आए आक्रांताओं ने भारत पर आक्रमण कर जनमानस का आत्मविश्वास खत्म करने का प्रयास किया। इस आत्मविश्वास को यदि किसी ने फिर से जगाया, तो वे छत्रपति शिवाजी महाराज थे।

श्री सहस्त्रबुद्धे ने वीर रस के प्रख्यात कवि महाकवि भूषण की पंक्तियों का स्मरण करते हुए कहा कि शिवाजी महाराज का योगदान भारतीय इतिहास में अद्वितीय है। उन्होंने महाकवि भूषण की इन पंक्तियों को उद्धृत किया—
कुम्करण असुर अवतारी औरंगजेब, काशी प्रयाग में दुहाई फेरी रब की।
तोड़ डाले देवी देव शहर मुहल्लों के, लाखों मुसलमां किये माला तोड़ सब की।
भूषण भणत भाग्यो काशीपति विश्वनाथ, और कौन गिनती में भुई गीत भव की।
काशी कर्बला होती मथुरा मदीना होती, शिवाजी न होते तो सुन्नत होती सब की॥
श्री विनय सहस्त्रबुद्धे ने ‘जाणता राजा’ देखने का दूसरा और तीसरा कारण बताते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और कार्यों के माध्यम से सुशासन तथा कुशल राज्य व्यवस्था को समझा जा सकता है। महानाट्य उनके नेतृत्व, दूरदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता से परिचित होने का अवसर प्रदान करता है।

‘जाणता राजा’ का आयोजन कर रही संस्था दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि मिशन कुष्ठ रोगियों के बच्चों और समाज के वंचित वर्गों के लिए स्कूल, हॉस्टल और मेडिकल कॉलेज चला रहा है। संस्था के 30 से अधिक सेवा प्रकल्प संचालित हो रहे हैं। 12 जनवरी 1997 को हरिद्वार के चंडीघाट से शुरू हुआ सेवा और साधना का यह कार्य अनवरत जारी है। बिना सरकारी सहायता के संचालित इस संस्था को समाज का अपार सहयोग मिल रहा है।
‘जाणता राजा’ महामंचन के पांचवें दिन मेरठ, मुरादाबाद, हापुड़, संभल और अमरोहा के दर्शकों के लिए विशेष आयोजन रहा। वहीं, 27 अक्टूबर को बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बागपत, सहारनपुर, देहरादून और उत्तराखंड के दर्शक विश्व का सबसे बड़ा महानाट्य देखेंगे।

सनसिटी, गाजियाबाद में हो रहे ‘जाणता राजा’ के संयोजक श्री विनय चौधरी ने आयोजन समिति की ओर से घोषणा की कि 28 अक्टूबर यानी मंचन के अंतिम दिन सभी लोग इस महानाट्य को बिना किसी टिकट के देख सकेंगे। इस दिन दर्शकों को किसी तरह की प्रवेशिका की जरूरत नहीं होगी। श्री विनय चौधरी ने सभी से अपील की कि वे 28 अक्टूबर को ‘जाणता राजा’ का महामंचन निःशुल्क देखें।

आयोजन समिति के संयोजक श्री विनय चौधरी ने बताया कि 28 अक्टूबर को महानाट्य देखने आने वाले सभी दर्शकों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था भी रहेगी। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक लोगों से इस ऐतिहासिक महानाट्य को देखने पहुंचने की अपील की है।

कार्यक्रम के पांचवें दिन जाणता राजा के मेरठ मंडल के प्रभारी डॉ. जगदीश सिंह चौहान, मुरादाबाद के प्रभारी श्री चंद्रप्रकाश चौहान, ओमबीर सिंह, जसबीर सिंह, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. संजय चतुर्वेदी, जाणता राजा आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता, संयोजक श्री विनय चौधरी, महामंत्री श्री दीपक शर्मा, विजयराज सिंह, डॉ. अंकित शर्मा, राजेश कुमार सिंह, अभय कुमार पाल और अजय कुमार गुप्ता समेत समाज के प्रबुद्ध वर्ग के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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