आजमगढ़ के मेहनाजपुर में ग्रामीणों के बैंक खातों से कथित धोखाधड़ी के मामले में जन सेवा केंद्र संचालक गिरफ्तार। पुलिस ने 18 एटीएम कार्ड, 13 पासबुक, आधार कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए।

आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मेहनाजपुर थाना क्षेत्र में सहज जन सेवा केंद्र की आड़ में ग्रामीणों के बैंक खातों से कथित रूप से धोखाधड़ी कर रकम निकालने के मामले में पुलिस ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर सेल और मेहनाजपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से नकदी समेत बड़ी संख्या में बैंक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनिल कुमार पुत्र सरभू राम, निवासी जमुनीपुर, थाना मेहनाजपुर, आजमगढ़ के रूप में हुई है। आरोपी सहज जन सेवा केंद्र का संचालन करता था। उसके खिलाफ ग्रामीणों के बैंक खातों से धोखाधड़ी कर धनराशि निकालने के आरोप में मेहनाजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार 20 सितंबर को साइबर सेल को आरोपी के संबंध में शिकायत मिली थी। मामले की जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपी की लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद साइबर सेल और मेहनाजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की।
पुलिस टीम ने आरोपी को उसके गांव जमुनीपुर की ओर आते समय गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 15,630 रुपये नकद समेत कई बैंकिंग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, एक HP लैपटॉप, दो माइक्रो एटीएम मशीन और एक बायोमैट्रिक मशीन बरामद की है। इसके अलावा USB GPS रिसीवर, 18 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 13 बैंक पासबुक और चार आधार कार्ड भी मिले हैं।
पुलिस के मुताबिक तलाशी के दौरान ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत चाकीडीह की मुहर, मुहर लगे तीन हस्ताक्षरित सादे कागज और एक कूटरचित प्रमाण पत्र भी बरामद हुआ है।
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया कि सहज जन सेवा केंद्र चलाने के दौरान वह ग्रामीणों की बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने पास रख लेता था। इसके बाद कथित तौर पर उनके बैंक खातों से रकम ट्रांसफर या निकासी करता था।
पुलिस के अनुसार ग्राम प्रधान की मुहर का कथित रूप से दुरुपयोग कर कूटरचित प्रमाण पत्र तैयार करने और लोगों से धोखाधड़ी कर रकम हड़पने की बात भी सामने आई है।
पुलिस अब बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की तकनीकी एवं फॉरेंसिक जांच कर रही है। साथ ही आरोपी से जुड़े बैंक खातों और उनसे हुए लेन-देन की भी विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, बरामद मोटरसाइकिल के कागजात प्रस्तुत न कर पाने पर पुलिस ने उसे धारा 207 एमवी एक्ट के तहत सीज कर दिया है।
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