जौनपुर में सपा विधायक तूफानी सरोज के कथित बयान को लेकर विवाद बढ़ गया है। जनेऊ पर कथित टिप्पणी के विरोध में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने प्रदर्शन कर FIR और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जानिए पूरा मामला।

UP News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर में समाजवादी पार्टी के केराकत विधायक तूफानी सरोज से जुड़े कथित बयान को लेकर विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो में जनेऊ को लेकर कथित टिप्पणी का मामला सामने आने के बाद अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 30 सितंबर को महासभा के कार्यकर्ताओं ने जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
महासभा के जिलाध्यक्ष रत्नाकर चौबे ने आरोप लगाया कि वायरल वीडियो में विधायक तूफानी सरोज की ओर से जनेऊ और ब्राह्मण समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। महासभा का कहना है कि इस कथित टिप्पणी से समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसके पूरे संदर्भ की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में वीडियो में कही गई बातों और उनके संदर्भ को लेकर प्रशासन की जांच महत्वपूर्ण होगी।
रत्नाकर चौबे के नेतृत्व में महासभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट महिपाल सिंह को ज्ञापन सौंपा।
महासभा ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के बयानों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है और किसी धार्मिक प्रतीक या समुदाय को लेकर टिप्पणी किए जाने पर प्रशासन को तथ्यों की जांच करनी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की ओर से जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
तूफानी सरोज जौनपुर की केराकत विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं। वह इससे पहले लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। उनकी बेटी प्रिया सरोज भी राजनीति में सक्रिय हैं और मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं।
इस पूरे विवाद में फिलहाल मुख्य मुद्दा वायरल वीडियो में की गई कथित टिप्पणी और उस पर ब्राह्मण महासभा की ओर से की गई कार्रवाई की मांग है। आगे प्रशासन की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।
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