जौनपुर पत्रकार अमिताभ नारायण मिश्रा हत्याकांड में अचानक नया मोड़ क्यों आया ? आखिर मुकदमे की पैरवी और विवेचना को लेकर ऐसा क्या हुआ, जिसके बाद पीड़िता को डीएम के पास शिकायत लेकर पहुंचना पड़ा ?

UP News : उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पत्रकार अमिताभ नारायण मिश्रा हत्याकांड से जुड़े मामले में अब मुकदमे की पैरवी और विवेचना को लेकर नए सवाल सामने आए हैं। मृतक की पत्नी रूबी मिश्रा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर जिला शासकीय अधिवक्ताओं और तत्कालीन विवेचक राजाराम द्विवेदी की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। रूबी मिश्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि हत्याकांड के आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए मुकदमे को कमजोर करने का प्रयास किया गया। उन्होंने करीब 10 लाख रुपये के कथित अनुचित लाभ का आरोप लगाया है। इसके अलावा शिकायत में उनके जेठ द्वारा करीब 27 लाख रुपये की जमीन अपनी पत्नी के नाम बैनामा कराने का भी उल्लेख किया गया है। UP News
पीड़िता ने शिकायत में अदालत में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर दावा किया है। उनका आरोप है कि बयान दर्ज कराने के दौरान उनसे सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए गए। बाद में उसी कागज पर उनके द्वारा गवाही नहीं देने से संबंधित बात लिख दी गई। रूबी मिश्रा के मुताबिक, जब उन्होंने न्यायालय के समक्ष अपनी वास्तविक बात रखी तो उनका बयान दर्ज कराने का आदेश दिया गया। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। UP News
शिकायत में क्राइम ब्रांच, गाजीपुर से कथित पुनर्विवेचना से जुड़ी जानकारी को न्यायालय के समक्ष पूरी तरह प्रस्तुत नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। पीड़िता ने इस बिंदु की भी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने तत्कालीन विवेचक राजाराम द्विवेदी की विवेचना पर न्यायालय की ओर से उठाई गई आपत्तियों का हवाला देते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। रूबी मिश्रा का आरोप है कि इन आपत्तियों के बावजूद विवेचक के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत के अनुसार, राजाराम द्विवेदी वर्तमान में जौनपुर पुलिस अधीक्षक के जनसंपर्क अधिकारी के पद पर तैनात हैं। पीड़िता ने उनकी वर्तमान तैनाती और पूर्व विवेचना में उनकी भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। UP News
रूबी मिश्रा ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित सरकारी अधिवक्ताओं और तत्कालीन विवेचक की भूमिका की जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि पत्रकार अमिताभ नारायण मिश्रा हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत रखी है। UP News
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