जौनपुर में जबरन वसूली और लूट के दो मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की है। दो निलंबित सिपाहियों समेत तीन आरोपी गिरफ्तार हुए, जबकि दो ने कोर्ट में सरेंडर किया।

UP News : उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में पुलिसकर्मियों पर जबरन वसूली और लूट के गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए जांच के लिए पांच सदस्यीय SIT का गठन किया। जांच के दौरान दो निलंबित पुलिसकर्मियों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपियों ने पुलिस की दबिश के बीच न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
मामला जौनपुर के जलालपुर और सुरेरी थाना क्षेत्रों से जुड़ा है, जहां जबरन वसूली और लूट के दो अलग-अलग मामले सामने आए थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों की जांच एसआईटी कर रही है और विवेचना के दौरान सामने आने वाले अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जलालपुर थाने में दर्ज मुकदमे के मुताबिक, एक व्यक्ति को कथित तौर पर जबरन वाहन में बैठाया गया। आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी देकर रकम मांगी गई। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित का मोबाइल अपने कब्जे में लेकर यूपीआई के माध्यम से करीब 2 लाख 15 हजार रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए। इसके अलावा एटीएम के जरिए भी रकम निकाले जाने का आरोप लगाया गया है। दूसरा मामला सुरेरी थाना क्षेत्र से सामने आया। आरोप है कि पीड़ित को फोन करके बुलाया गया। इसके बाद सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर खुद को पुलिसकर्मी बताया और उसे वाहन में बैठा लिया। पीड़ित के मुताबिक, इस दौरान करीब 1 लाख 65 हजार रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा यूपीआई के माध्यम से भी रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर कराए जाने का आरोप है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन सुरेरी थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र की ओर से दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम यानी एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने मामले की जांच शुरू करते हुए कथित घटनाओं में शामिल लोगों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान 23 सितंबर को मनीष पटेल, निलंबित आरक्षी सत्येंद्र कुमार गौड़ और निलंबित आरक्षी विष्णु सिंह को गिरफ्तार किया गया। वहीं, पुलिस की लगातार दबिश के बाद जलालपुर मामले में वांछित बताए जा रहे संकीत और विकास ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इस तरह दोनों मामलों में अब तक कुल पांच आरोपी पुलिस कार्रवाई की जद में आ चुके हैं। इनमें दो निलंबित पुलिस आरक्षी भी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, मामले की विवेचना अभी जारी है। जांच के दौरान कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है। इनमें कुछ पुलिसकर्मियों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। एसआईटी संबंधित साक्ष्यों को जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। UP News
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