राष्ट्रीय लोकदल के सामाजिक समरसता सम्मेलन में RLD अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने समाज को जातीय खांचों में बांटने की राजनीति पर सवाल उठाए और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के कथित बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

UP News : राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी रविवार को अपनी राजनीतिक कर्मभूमि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर पहुंचे। पचैंडा स्थित जनता इंटर कॉलेज के मैदान में राष्ट्रीय लोकदल की ओर से आयोजित सामाजिक समरसता सम्मेलन में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित किया। सम्मेलन में RLD नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी रही।मुजफ्फरनगर में जयंत चौधरी का यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ, जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में सामाजिक समीकरण, PDA और किसान मुद्दे लगातार चर्चा में हैं। सम्मेलन के मंच से जयंत चौधरी ने जहां सामाजिक समरसता और संवाद की बात रखी, वहीं समाजवादी पार्टी के नेताओं के बयानों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। UP News
जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के कथित बयान का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि आखिर किस समाज को ‘गिरा हुआ’ बताया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी समाज के बारे में ऐसी टिप्पणी की गई है तो उसका नाम स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं है, लेकिन यदि किसी समाज के बारे में टिप्पणी की जाएगी तो वह उस समाज के साथ खड़े होंगे। एबीपी की रिपोर्ट के अनुसार जयंत चौधरी ने अपने संबोधन में डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े सामाजिक संदर्भ का भी उल्लेख किया। UP News
मुजफ्फरनगर सम्मेलन में जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की राजनीति और PDA के नारे पर भी निशाना साधा। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि तीन शब्दों में अलग-अलग बिरादरियां तलाशकर समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है।जयंत चौधरी का यह बयान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बदलते राजनीतिक विमर्श के बीच महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां किसान, जाट, दलित, पिछड़ा और मुस्लिम सामाजिक समूहों से जुड़े मुद्दे लंबे समय से चुनावी राजनीति के केंद्र में रहे हैं। UP News
जयंत चौधरी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य केवल चुनाव जीतकर विधायकों की संख्या बढ़ाना नहीं है। उन्होंने गन्ने की कीमत और किसानों को समय पर भुगतान से मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही।मुजफ्फरनगर की इस सभा में RLD विधानमंडल दल के नेता राजपाल बालियान ने भी गन्ने के मूल्य का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस बार भी गन्ने का मूल्य बढ़वाया जाएगा और NDA सरकार किसानों की चिंता कर रही है।पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में गन्ना और चीनी उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए यह मुद्दा क्षेत्र की राजनीति में खास महत्व रखता है। UP News
जयंत चौधरी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने संवाद और समन्वय को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।सम्मेलन से जुड़े समाचारों में युवाओं, किसानों और क्षेत्रीय विकास से संबंधित मुद्दों का भी उल्लेख सामने आया है। इस दौरान तकनीकी क्षेत्र और सेमीकंडक्टर जैसे नए औद्योगिक अवसरों को लेकर भी क्षेत्र के विकास की आवश्यकता पर चर्चा हुई। UP News
मुजफ्फरनगर में रविवार को हुए कार्यक्रम की तैयारी कई दिनों से चल रही थी। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार बुढ़ाना क्षेत्र में RLD कार्यकर्ताओं की बैठक कर सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों को पहुंचाने की रणनीति बनाई गई थी। पूर्व मंत्री योगराज सिंह ने बुढ़ाना क्षेत्र से करीब 40 बसें सम्मेलन में भेजने की घोषणा की थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि RLD ने सम्मेलन को केवल संगठनात्मक बैठक के बजाय बड़े जनसंपर्क कार्यक्रम के रूप में तैयार किया था। UP News
पचैंडा में आयोजित सम्मेलन में जयंत चौधरी के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, सांसद चंदन चौहान, RLD के विधायक और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देने पर जोर रहा।अनिल कुमार ने अपने संबोधन में पुरानी सरकारों की भर्ती व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए वर्तमान NDA सरकार की व्यवस्था का उल्लेख किया। उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर भी अपना पक्ष रखा। UP News
मुजफ्फरनगर के इस सम्मेलन में जयंत चौधरी के संबोधन को तीन प्रमुख मुद्दों के संदर्भ में देखा जा सकता है माजिक समरसता, किसान-गन्ना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का विकास। क तरफ उन्होंने समाज को जातीय खांचों में बांटने वाली राजनीति पर सवाल उठाया, दूसरी तरफ किसानों के गन्ने के मूल्य और भुगतान जैसे पारंपरिक मुद्दों को सामने रखा। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत को भी रेखांकित किया। जफ्फरनगर में दिया गया यह संबोधन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जयंत चौधरी स्वयं पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं और राष्ट्रीय लोकदल का राजनीतिक आधार भी इस क्षेत्र से गहराई से जुड़ा रहा है। UP News
रविवार को पचैंडा में हुए सम्मेलन के बाद सामने आए बयानों में जयंत चौधरी का समाजवादी पार्टी और PDA को लेकर हमला सबसे अधिक चर्चा में है। उन्होंने सामाजिक पहचान के आधार पर विभाजन की राजनीति के बजाय संवाद और समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं RLD के अन्य नेताओं ने गन्ने के मूल्य और किसानों के हित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। UP News
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