बुंदेलखंड क्षेत्र के रेल नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में झांसी-मानिकपुर रेल डबलिंग परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। रेलवे विभाग मई 2026 तक लगभग 30 किलोमीटर लंबे नए ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू करने की तैयारी में है।

UP News : बुंदेलखंड क्षेत्र के रेल नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में झांसी-मानिकपुर रेल डबलिंग परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। रेलवे विभाग मई 2026 तक लगभग 30 किलोमीटर लंबे नए ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू करने की तैयारी में है। इस परियोजना के पूरा होते ही क्षेत्र में यात्री और माल परिवहन दोनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना के तहत मऊरानीपुर से रोरा तक लगभग 10 किमी ट्रैक, खुरहंड से बदौसा तक करीब 20 किमी ट्रैक बनेगा। दोनों खंडों में ट्रैक बिछाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अंतिम तैयारियां चल रही हैं। रेलवे केवल ट्रैक बिछाने तक सीमित नहीं है, बल्कि
स्टेशनों का विस्तार, आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम, पूर्ण विद्युतीकरण जैसे कार्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं, ताकि संचालन शुरू होते ही यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
इस महत्वाकांक्षी योजना को वर्ष 2018 में स्वीकृति मिली थी, जिसकी कुल लागत लगभग 4329 करोड़ है। झांसी से मानिकपुर तक लगभग 311 किमी लंबा रेलखंड, खैरार से कानपुर के भीमसेन स्टेशन तक कनेक्टिविटी तथा बांदा में खैरार जंक्शन पर 17 किमी लंबी कॉर्ड लाइन का निर्माण होगा। यह परियोजना बुंदेलखंड को उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस रूट के कई हिस्सों पर पहले ही ट्रेन संचालन शुरू किया जा चुका है, जिनमें प्रमुख हैं टेहरका-मऊरानीपुर, कुलपहाड़-महोबा, बेताताल-कुलपहाड़, बरुआसागर-टेहरका, बांदा-खुरहंड। इन सेक्शनों पर 2024 से ट्रेनें दौड़ रही हैं, जबकि बाकी हिस्सों पर काम तेजी से जारी है। खुरहंड-बदौसा सेक्शन का काम मार्च 2026 तक पूरा होना था, लेकिन चित्रकूट में लगने वाले अमावस्या मेले के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। अब इस हिस्से को मई 2026 तक चालू करने का लक्ष्य तय किया गया है।