जिगर मुरादाबादी की शायरी : टॉप 5 शेर जो हर महफिल में छा जाएं

जिगर मुरादाबादी के 5 ऐसे शेर जो हर महफिल में तालियां लूट लें! मोहब्बत, गुरूर और दिल की गहराई एक ही जगह पढ़िए। जिगर मुरादाबादी के पिता अली नजर खुद कवि थे और ख्वाजा वज़ीर लखनवी के शिष्य, जबकि दादा फकीर मुहम्मद ‘गोया’ का भी अदब से नाता था।

महफिल में ‘वाह-वाह’ चाहिए जिगर के शेर काफी हैं

महफिल में ‘वाह-वाह’ चाहिए? जिगर के शेर काफी हैं

locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar27 Dec 2025 09:51 AM
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