जौनपुर प्रीमियर लीग (JPL) की Opening Ceremony से पहले विवाद गहरा गया है। पूर्व आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह की पहल पर आयोजित हो रही इस क्रिकेट लीग में टीम चयन को लेकर कई कप्तानों ने सवाल खड़े किए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पूर्व आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह की पहल पर आयोजित किए जा रहे जौनपुर प्रीमियर लीग (JPL) की Opening Ceremony से ठीक पहले टूर्नामेंट की चयन प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम को JPL में शामिल किए जाने को लेकर कई टीमों के कप्तानों ने आपत्ति जताई है। विरोध कर रहे कप्तानों का आरोप है कि जब पूरे टूर्नामेंट में जौनपुर के खिलाड़ियों को प्राथमिकता देने और निर्धारित ट्रायल प्रक्रिया के आधार पर टीमों के चयन की बात कही गई थी, तो विश्वविद्यालय की टीम को अलग प्रक्रिया के तहत शामिल किया जा रहा है। विवाद इतना बढ़ गया है कि करीब 5 से 7 टीमों के कप्तानों द्वारा टूर्नामेंट में खेलने से इनकार किए जाने की बात सामने आ रही है। संबंधित कप्तानों ने वीडियो जारी कर अपनी आपत्तियां सार्वजनिक की हैं। उनका मुख्य सवाल खिलाड़ियों की पात्रता, टीम चयन की प्रक्रिया और सभी टीमों के लिए समान नियम लागू किए जाने को लेकर है। UP News
JPL के लिए टीमों के चयन की प्रक्रिया जौनपुर की नौ विधानसभा क्षेत्रों से शुरू की गई थी। सामने आई जानकारी के मुताबिक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ऑनलाइन वोटिंग के माध्यम से पांच टीमों का चयन किया गया। इसके बाद इन टीमों के बीच निर्धारित ट्रायल और क्वालिफिकेशन मुकाबले कराकर संबंधित विधानसभा क्षेत्र की टीम को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया अपनाई गई। यानी स्थानीय टीमों को टूर्नामेंट तक पहुंचने के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इसी आधार पर अब विरोध कर रहे कप्तानों का कहना है कि यदि सभी टीमों के लिए ट्रायल और क्वालिफिकेशन अनिवार्य था, तो पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम को किस नियम के तहत सीधे शामिल किया गया? UP News
विवाद के बीच करीब सात विधानसभा क्षेत्रों से क्वालिफाई करने वाली टीमों के कप्तानों द्वारा वीडियो जारी किए जाने की बात सामने आई है। इन कप्तानों ने आरोप लगाया है कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम में शामिल कुछ खिलाड़ी जौनपुर के बाहर के हैं। उनका कहना है कि यदि JPL की मूल भावना जौनपुर के स्थानीय खिलाड़ियों को मंच देना है, तो खिलाड़ियों की स्थानीय पात्रता स्पष्ट होनी चाहिए। कप्तानों का सवाल सीधा है जब स्थानीय खिलाड़ियों और टीमों को ट्रायल तथा क्वालिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा, तो विश्वविद्यालय की टीम के लिए अलग व्यवस्था क्यों? यही सवाल अब JPL विवाद का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। UP News
विरोध कर रहे कप्तानों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी खिलाड़ी या संस्था का विरोध करना नहीं है। उनका सवाल टूर्नामेंट की नियमावली को लेकर है।
उनकी आपत्ति है कि यदि JPL के लिए पहले से पात्रता और चयन के नियम निर्धारित किए गए थे, तो वे सभी टीमों पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
यदि पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम को विशेष प्रावधान के तहत टूर्नामेंट में शामिल किया गया है, तो आयोजकों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि—
इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही विवाद की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। UP News
विवाद को शांत करने को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। सूत्रों के हवाले से आरोप लगाया जा रहा है कि विरोध कर रहे कुछ कप्तानों को अलग-अलग माध्यमों से समझाने और उन्हें टूर्नामेंट में शामिल रखने के प्रयास किए गए। यह भी दावा किया जा रहा है कि कुछ कप्तानों को भविष्य में किसी बड़े टूर्नामेंट में खेलने का अवसर देने जैसे प्रस्तावों की चर्चा हुई। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विरोध कर रहे कप्तानों के बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने इन प्रस्तावों के बावजूद अपनी आपत्ति वापस नहीं ली। UP News
JPL के ट्रायल मुकाबलों के दौरान भी खिलाड़ियों की पात्रता को लेकर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई थी। उस समय पूर्व आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह की ओर से सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए खिलाड़ियों के जौनपुर से संबंधित होने की बात कही गई थी। लेकिन विरोध कर रहे कप्तानों का कहना है कि वे इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुए हैं। उनका कहना है कि खिलाड़ियों की पात्रता को लेकर स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी सामने रखी जानी चाहिए ताकि विवाद समाप्त हो सके। UP News
JPL का यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब टूर्नामेंट की Opening Ceremony होने वाली है। आयोजन में क्रिकेट जगत के चर्चित खिलाड़ियों के शामिल होने की चर्चा के बीच टीमों के कप्तानों का विरोध आयोजकों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। JPL को जौनपुर में क्रिकेट प्रतिभाओं को बड़ा मंच देने की पहल के तौर पर पेश किया गया है। ऐसे में चयन प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों ने पूरे आयोजन पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि आयोजक इन आरोपों पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं और क्या विरोध कर रहे कप्तानों की आपत्तियों का कोई समाधान निकलता है। UP News
JPL विवाद के बीच पूर्व आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह के जौनपुर को लेकर दिए गए पुराने बयानों और उनकी गतिविधियों की भी सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है।
अभिषेक सिंह ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले आईएएस पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद जौनपुर में उनकी सक्रियता और भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर भी चर्चाएं हुई थीं। UP News
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