उत्तर प्रदेश में फरसा वाले बाबा की हत्या पर बवाल, पुलिस ने बताई पूरी कहानी
मथुरा में गौ-रक्षक बाबा चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। जहां समर्थक इसे हत्या बता रहे हैं, वहीं पुलिस ने इसे सड़क हादसा करार दिया है। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे (एनएच-19) को जाम कर हंगामा किया।

UP News : उत्तर प्रदेश के मथुरा में गौ-रक्षक बाबा चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। जहां समर्थक इसे हत्या बता रहे हैं, वहीं पुलिस ने इसे सड़क हादसा करार दिया है। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे (एनएच-19) को जाम कर हंगामा किया। पुलिस के मुताबिक, बाबा चंद्रशेखर ने हाईवे पर एक संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की थी। उसी दौरान घने कोहरे में पीछे से आ रहे एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस का क्या कहना है?
मामले पर मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने साफ किया कि यह हत्या नहीं बल्कि सड़क दुर्घटना है। जिस वाहन को रोका गया था, उसमें केवल किराने का सामान मिला। गोतस्करी जैसी कोई बात सामने नहीं आई। ट्रक चालक (राजस्थान निवासी) को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
समर्थकों का आरोप: यह हादसा नहीं, हत्या
घटना के बाद मौके पर पहुंचे गौ-रक्षकों और स्थानीय लोगों ने पुलिस के दावे को नकार दिया। उनका आरोप है कि बाबा को जानबूझकर कुचला गया। उन्होंने इसे साजिश और हत्या बताया, स हत्या के बाद गुस्से में सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। गुस्साई भीड़ ने दिल्ली-आगरा हाईवे (एनएच-19) पर जाम लगा दिया, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
पुलिस पर पथराव से कई पुलिस वाले घायल
स्थिति उस वक्त और बिगड़ गई जब पुलिस के समझाने पर भीड़ भड़क गई। पुलिस पर पथराव किया गया जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल और ढअउ तैनात करनी पड़ी। फरसा वाले बाबा के निधन से पूरे ब्रज क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वे लंबे समय से गौ-रक्षा के कार्यों में सक्रिय थे और उनकी पहचान एक सक्रिय गौ-सेवक के रूप में थी।
सरकार ने लिया संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। यह मामला अब दो नजरियों में बंट चुका है। एक ओर पुलिस इसे सड़क हादसा बता रही है तो दूसरी ओर समर्थक सुनियोजित हत्या बता रहे हैं। जांच के बाद ही सच्चाई पूरी तरह सामने आएगी, लेकिन फिलहाल यह घटना पूरे इलाके में तनाव और चर्चा का बड़ा कारण बनी हुई है।
UP News : उत्तर प्रदेश के मथुरा में गौ-रक्षक बाबा चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। जहां समर्थक इसे हत्या बता रहे हैं, वहीं पुलिस ने इसे सड़क हादसा करार दिया है। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे (एनएच-19) को जाम कर हंगामा किया। पुलिस के मुताबिक, बाबा चंद्रशेखर ने हाईवे पर एक संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की थी। उसी दौरान घने कोहरे में पीछे से आ रहे एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस का क्या कहना है?
मामले पर मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने साफ किया कि यह हत्या नहीं बल्कि सड़क दुर्घटना है। जिस वाहन को रोका गया था, उसमें केवल किराने का सामान मिला। गोतस्करी जैसी कोई बात सामने नहीं आई। ट्रक चालक (राजस्थान निवासी) को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
समर्थकों का आरोप: यह हादसा नहीं, हत्या
घटना के बाद मौके पर पहुंचे गौ-रक्षकों और स्थानीय लोगों ने पुलिस के दावे को नकार दिया। उनका आरोप है कि बाबा को जानबूझकर कुचला गया। उन्होंने इसे साजिश और हत्या बताया, स हत्या के बाद गुस्से में सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। गुस्साई भीड़ ने दिल्ली-आगरा हाईवे (एनएच-19) पर जाम लगा दिया, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
पुलिस पर पथराव से कई पुलिस वाले घायल
स्थिति उस वक्त और बिगड़ गई जब पुलिस के समझाने पर भीड़ भड़क गई। पुलिस पर पथराव किया गया जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल और ढअउ तैनात करनी पड़ी। फरसा वाले बाबा के निधन से पूरे ब्रज क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वे लंबे समय से गौ-रक्षा के कार्यों में सक्रिय थे और उनकी पहचान एक सक्रिय गौ-सेवक के रूप में थी।
सरकार ने लिया संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। यह मामला अब दो नजरियों में बंट चुका है। एक ओर पुलिस इसे सड़क हादसा बता रही है तो दूसरी ओर समर्थक सुनियोजित हत्या बता रहे हैं। जांच के बाद ही सच्चाई पूरी तरह सामने आएगी, लेकिन फिलहाल यह घटना पूरे इलाके में तनाव और चर्चा का बड़ा कारण बनी हुई है।












