Kalyan Singh Nagar: उत्तर प्रदेश में अभी तक 75 जिले है जिसे अब एक और नया जिला मिलने जा रहा है इस पर राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव प्रभारी अधिकारी राम कुमार द्विवेदी ने जिलाधिकारियों से नया जिला बनाने का प्रस्ताव रखा है। उत्तर प्रदेश जिले की जानकारी हम आपको विस्तार के साथ बता रहे हैं। UP News
बता दे कि उत्तर प्रदेश बहुत जल्द 76 जिलों वाला राज्य बनने जा रहा है। अभी तक सूबे में 75 जिले हैं, लेकिन अब एक नया जिला बनने जा रहा है, जिसका नाम दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम पर ‘कल्याण सिंह नगर’ (Kalyan Singh Nagar) रखा जाएगा। यह जिला अलीगढ़ और बुलंदशहर की तीन तहसीलों — अतरौली, गंगीरी और डिबाई — को मिलाकर बनाया जाएगा।
इस जिले की मांग कई सालों से होती आ रही थी। आखिरी बार वर्ष 2011 में संभल को नया जिला बनाया गया था। अब राज्य सरकार ने ‘कल्याण सिंह नगर’ (Kalyan Singh Nagar) के गठन की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Kalyan Singh Nagar : राजस्व परिषद ने मांगा प्रस्ताव
राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव प्रभारी अधिकारी राम कुमार द्विवेदी ने अलीगढ़ और बुलंदशहर के जिलाधिकारियों से नया जिला बनाने का प्रस्ताव मांगा है। उन्हें राजस्व एवं प्रशासनिक मानकों के अनुसार रिपोर्ट तैयार कर कमिश्नर के माध्यम से भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
Kalyan Singh Nagar: राजवीर सिंह का पत्र हुआ असरदार
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पुत्र व पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू भैया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस जिले की मांग की थी। उन्होंने लिखा था कि “पिता कल्याण सिंह ने जीवनभर समाज और प्रदेश के विकास के लिए काम किया। उनकी जन्मभूमि अतरौली को अब तक वह पहचान नहीं मिल सकी जिसकी वह हकदार थी।” राजवीर सिंह ने यह भी कहा था कि अतरौली और बुलंदशहर की डिबाई तहसील विकास की दृष्टि से पिछड़ी हुई हैं, और इन्हें मिलाकर नया जिला बनाना जनभावनाओं के अनुरूप होगा।
Kalyan Singh Nagar: लोगों में खुशी की लहर
स्थानीय लोग इस निर्णय से उत्साहित हैं। अतरौली निवासी कुलदीप शर्मा ने बताया कि “जिला बनने से रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और युवाओं को बेहतर शिक्षा के मौके मिलेंगे।” वहीं एडवोकेट नीलिमा पाठक का कहना है, “जिला बनने से अधिवक्ताओं और आम जनता दोनों को फायदा होगा। प्रशासनिक कामकाज के लिए अब अलीगढ़ या बुलंदशहर नहीं जाना पड़ेगा।”
अतरौली, डिबाई और गंगीरी इलाके लंबे समय से विकास की दौड़ में पिछड़ गए थे। नया जिला बनने से यहां बुनियादी सुविधाओं, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद है।
Kalyan Singh Nagar: कल्याण सिंह की विरासत से जुड़ा इलाका
अतरौली को उत्तर प्रदेश की राजनीति में खास स्थान प्राप्त है। यह वही क्षेत्र है जिसने राज्य को **दो मुख्यमंत्री** दिए — **कल्याण सिंह और चंद्रभानु गुप्त। कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी 1932 को अतरौली के मढौली गांव में हुआ था। वे 10 बार विधायक और 2 बार सांसद रहे। 1991 और 1997 में दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और 2014 में राजस्थान के राज्यपाल नियुक्त हुए।
Kalyan Singh Nagar: कासगंज और फरेंदा के नाम भी चल चुकी है चर्चा
गौरतलब है कि 2021 में कासगंज का नाम बदलकर ‘कल्याण सिंह नगर’ रखने का प्रस्ताव जिला पंचायत बोर्ड में पारित हुआ था। वहीं 2024 में फरेंदा (महराजगंज) को भी नया जिला बनाने का प्रस्ताव राजस्व विभाग ने मांगा था।
बता दे कि यदि अलीगढ़ और बुलंदशहर से मांगा गया प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता है, तो उत्तर प्रदेश का नक्शा बदलेगा और राज्य को एक नया जिला ‘कल्याण सिंह नगर’ के रूप में मिलेगा — जो न सिर्फ प्रशासनिक दृष्टि से अहम होगा, बल्कि एक महान जननायक की स्मृति को भी सजीव रखेगा।