जांच में सामने आया कि करीब 2 करोड़ रुपये के कर्ज में फंसे एक व्यक्ति ने अपने ही दोस्त और शिक्षक राहुल कुमार राजपूत को निशाना बनाकर अपहरण की साजिश रची थी। आरोपी ने कर्ज चुकाने के लिए दोस्त की आर्थिक स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश की और फिरौती वसूलने की योजना बनाई।

UP News : उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में शिक्षक अपहरण मामले का पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि करीब 2 करोड़ रुपये के कर्ज में फंसे एक व्यक्ति ने अपने ही दोस्त और शिक्षक राहुल कुमार राजपूत को निशाना बनाकर अपहरण की साजिश रची थी। आरोपी ने कर्ज चुकाने के लिए दोस्त की आर्थिक स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश की और फिरौती वसूलने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अविनाश राजपूत शिक्षक राहुल का करीबी दोस्त था। उसे राहुल के परिवार की आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी थी। उसे पता था कि राहुल के पिता देशराज रिटायर्ड प्रिंसिपल हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत है। इसी जानकारी के आधार पर उसने राहुल को आसान निशाना समझते हुए अपहरण की योजना तैयार की। UP News
पुलिस जांच में सामने आया कि नोएडा की एक फाइनेंस कंपनी के डूबने के बाद अविनाश पर करीब 2 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज और ब्याज के दबाव से परेशान आरोपी ने इससे निकलने के लिए अपराध का रास्ता चुना। अपहरण की इस साजिश में उसने अपने साथियों सर्वेंद्र, केशव उर्फ पंडित और सागर कश्यप को भी शामिल किया। आरोपियों का उद्देश्य शिक्षक को अगवा कर उसके परिवार से फिरौती की रकम वसूलना था। UP News
वारदात को अंजाम देने के लिए अविनाश ने अपना एक प्लॉट करीब 2 लाख रुपये में गिरवी रखा। इस रकम से उसने दिल्ली जाकर सेकंड हैंड स्विफ्ट डिजायर कार खरीदी। इसके बाद आरोपियों ने स्कूल के आसपास कई दिनों तक रेकी की और दोपहर के समय छुट्टी के वक्त अपहरण की योजना को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने शिक्षक को जबरन कार में बैठाकर नोएडा ले जाया गया। यहां उसे एक कमरे में करीब दो दिन तक रखा गया। जांच में सामने आया है कि आरोपियों की शुरुआत में योजना 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने की थी। उन्हें उम्मीद थी कि डर और दबाव बनाकर परिजन जल्द रकम देने को तैयार हो जाएंगे। आरोपियों की योजना इससे भी बड़ी रकम वसूलने की थी। आशंका है कि पहली मांग पूरी होने के बाद वे परिजनों पर दबाव बनाकर एक करोड़ रुपये तक की फिरौती मांग सकते थे। मामले की जांच में अपहरण गिरोह का नेपाल कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सर्वेंद्र के चाचा के माध्यम से नेपाल में रहने वाले ब्रजपाल से संपर्क किया गया था। योजना थी कि फिरौती की रकम नेपाल में मौजूद बैंक खाते में मंगाई जाए। UP News
अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर जांच शुरू की। लगातार बढ़ते दबाव और पुलिस की घेराबंदी के चलते आरोपी घबरा गए। इसके बाद अपहरणकर्ता शिक्षक राहुल को दिल्ली के लाल कुआं इलाके में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। UP News
पीड़ित शिक्षक के पिता देशराज की शिकायत पर पुलिस ने अविनाश राजपूत, सर्वेंद्र कुमार कुशवाहा, केशव अवस्थी और सागर कश्यप समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ अपहरण और फिरौती से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिक्षक राहुल की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। इसी वजह से वह अपहरणकर्ताओं की साजिश को समय रहते समझ नहीं सका। आरोपियों ने उसे नोएडा के एक कमरे में रखा था, जहां आसपास अन्य परिवार भी रहते थे। इसके बावजूद शिक्षक करीब दो दिन तक वहीं रहा। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। UP News
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