उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने चार दशक से फरार चल रहे एक सजायाफ्ता अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी 40 साल से पुलिस को चकमा देकर अलग-अलग ठिकानों पर रह रहा था और अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार हुलिया बदलता था।

UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने चार दशक से फरार चल रहे एक सजायाफ्ता अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी 40 साल से पुलिस को चकमा देकर अलग-अलग ठिकानों पर रह रहा था और अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार हुलिया बदलता था। जूही पुलिस ने वोटर आईडी और बीएलओ से मिले इनपुट के आधार पर उसे किदवईनगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करने से ठीक एक दिन पहले हुई। पुलिस के मुताबिक आरोपी प्रदीप कुमार को वर्ष 1984 में तीन नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में दोषी ठहराया गया था। उस समय उसकी उम्र करीब 32 वर्ष थी। अदालत से सजा मिलने के बाद उसने हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन बाद में वह कोर्ट में पेश होना बंद कर फरार हो गया। UP News
जूही थाना प्रभारी केके पटेल के अनुसार, साईंपुरवा कच्ची मड़ैया निवासी प्रदीप कुमार के खिलाफ वर्ष 1984 में मुकदमा दर्ज हुआ था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई के बाद निचली अदालत ने उसे दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। इसके बाद आरोपी ने वर्ष 1987 में हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। राहत मिलने के बाद उसने अदालत में पेश होना बंद कर दिया और अपना ठिकाना बदल लिया। पुलिस से बचने के लिए वह कभी दाढ़ी-बाल बढ़ा लेता था तो कभी सिर मुंडवा लेता था। मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर जवाब मांगा था। पुलिस आयुक्त को सात अगस्त को जवाब दाखिल करना था। इसके बाद दक्षिण जोन पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड खंगालने शुरू किए और आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई। लगातार प्रयास के बाद पुलिस को आरोपी के बारे में जानकारी मिली और गुरुवार को उसे किदवईनगर थाना क्षेत्र की अंबेडकर बस्ती से गिरफ्तार कर लिया गया। पहचान की पुष्टि के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी तक पहुंचने के लिए पुराने दस्तावेजों की मदद ली गई। पुलिस ने पुराने वोटर आईडी कार्ड से उसका ईपीआईसी नंबर हासिल किया और उसे बीएलओ के माध्यम से सत्यापित कराया। जांच में पता चला कि संबंधित वोटर आईडी किदवईनगर की अंबेडकर बस्ती के पते पर अपडेट कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और आरोपी की लोकेशन की जानकारी जुटाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। UP News
पुलिस के अनुसार, इस मामले में प्रदीप कुमार के अलावा उसकी पत्नी फगुनी उर्फ राजकुमारी और एक मकान मालिक भी आरोपी थे। आरोपी की पत्नी की अप्रैल 2024 में मौत हो चुकी है। पूछताछ के दौरान प्रदीप ने उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी पुलिस को सौंपा। वहीं, तीन पीड़िताओं में से एक की भी अब मौत हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि पुराने मामले में फरार चल रहे आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। UP News
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