ब्रह्मचारी ने खुद ही काट ली अपनी नाक, मामला बहुत बड़ा है
आशुतोष ब्रह्मचारी के मामले में सामने आया बड़ा दावा उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तथा आशुतोष ब्रह्मचारी का विवाद नए समीकरण पैदा कर रहा है।

UP News : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सबसे बड़े विरोधी आशुतोष ब्रह्मचारी के मामले में एक बड़ा दावा सामने आया है। आशुतोष ब्रह्मचारी के मामले में सामने आया बड़ा दावा उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तथा आशुतोष ब्रह्मचारी का विवाद नए समीकरण पैदा कर रहा है। आशुतोष ब्रह्मचारी के ऊपर रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में हुए कथित हमले को लेकर उत्तर प्रदेश में सक्रिय श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने बहुत बड़ा दावा कर दिया है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने खुद ही काट ली अपनी नाक
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने दावा किया है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने खुद ही टॉयलेट में जाकर अपनी नाक पर चीरा लगाया और इसे हमला बताकर उन्हें और उनके संगठन को फंसाने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में दिनेश फलाहारी ने कहा है कि अगर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी है तो इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। उनका कहना है कि सीबीआई जांच होने पर सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार इस मामले की सीबीआई जांच नहीं कराती है तो वह भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति पर हुए हमले का नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक संगठनों की छवि से भी जुड़ा हुआ है। दिनेश फलाहारी ने यह भी कहा कि ट्रेन के कोच अटेंडेंट के मुताबिक टॉयलेट के बाहर किसी तरह की कोई घटना नहीं हुई थी। ऐसे में यह सवाल उठता है कि अगर हमला हुआ तो किसने और कैसे किया। उनका आरोप है कि पूरी कहानी गढ़ी गई है और इसे इस तरह पेश किया जा रहा है ताकि उनके संगठन और उससे जुड़े लोगों को बदनाम किया जा सके।
आशुतोष ब्रह्मचारी की नाक काटने वाला क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि आशुतोष ब्रह्मचारी रीवा एक्सप्रेस से गाजियाबाद से प्रयागराज की ओर यात्रा कर रहे थे। सुबह करीब 5 बजे कौशांबी जिले के सिराथू स्टेशन के पास ट्रेन के एसी कोच में उनके घायल होने की सूचना सामने आई। ब्रह्मचारी का आरोप है कि एक व्यक्ति ने धारदार हथियार से उन पर हमला किया और उनकी नाक काटने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि हमले के बाद वह किसी तरह ट्रेन के टॉयलेट में घुसकर दरवाजा बंद करने में सफल हुए और अपनी जान बचाई। घटना के बाद प्रयागराज पहुंचने पर जीआरपी ने उन्हें अस्पताल भेजा, जहां मेडिकल जांच में चोटों की पुष्टि भी हुई है। इसी बीच श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ट्रेन के कोच अटेंडेंट के अनुसार टॉयलेट के बाहर कोई घटना नहीं हुई थी। फलाहारी का दावा है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने खुद ही टॉयलेट में जाकर अपनी नाक पर चीरा लगाया और इसे हमला बताकर कुछ लोगों व संगठनों को फंसाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच होनी है तो इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
CBI से जांच तथा और नार्को टेस्ट की मांग
दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं कि —
1—पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए
2—आशुतोष ब्रह्मचारी का नार्को टेस्ट कराया जाए
3— घटना की पूरी सच्चाई सार्वजनिक की जाए
उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि सरकार निष्पक्ष जांच नहीं कराती है तो वे इस मुद्दे पर भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। दूसरी ओर आशुतोष ब्रह्मचारी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ट्रेन में वास्तव में उन पर जानलेवा हमला हुआ था और हमलावर उनकी नाक काटकर अपने गुरु के चरणों में चढ़ाने की बात कर रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने की बात भी कही है, जिससे पूरे मामले में नई साजिश की आशंका जताई जा रही है। UP News
UP News : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सबसे बड़े विरोधी आशुतोष ब्रह्मचारी के मामले में एक बड़ा दावा सामने आया है। आशुतोष ब्रह्मचारी के मामले में सामने आया बड़ा दावा उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तथा आशुतोष ब्रह्मचारी का विवाद नए समीकरण पैदा कर रहा है। आशुतोष ब्रह्मचारी के ऊपर रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में हुए कथित हमले को लेकर उत्तर प्रदेश में सक्रिय श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने बहुत बड़ा दावा कर दिया है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने खुद ही काट ली अपनी नाक
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने दावा किया है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने खुद ही टॉयलेट में जाकर अपनी नाक पर चीरा लगाया और इसे हमला बताकर उन्हें और उनके संगठन को फंसाने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में दिनेश फलाहारी ने कहा है कि अगर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी है तो इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। उनका कहना है कि सीबीआई जांच होने पर सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार इस मामले की सीबीआई जांच नहीं कराती है तो वह भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति पर हुए हमले का नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक संगठनों की छवि से भी जुड़ा हुआ है। दिनेश फलाहारी ने यह भी कहा कि ट्रेन के कोच अटेंडेंट के मुताबिक टॉयलेट के बाहर किसी तरह की कोई घटना नहीं हुई थी। ऐसे में यह सवाल उठता है कि अगर हमला हुआ तो किसने और कैसे किया। उनका आरोप है कि पूरी कहानी गढ़ी गई है और इसे इस तरह पेश किया जा रहा है ताकि उनके संगठन और उससे जुड़े लोगों को बदनाम किया जा सके।
आशुतोष ब्रह्मचारी की नाक काटने वाला क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि आशुतोष ब्रह्मचारी रीवा एक्सप्रेस से गाजियाबाद से प्रयागराज की ओर यात्रा कर रहे थे। सुबह करीब 5 बजे कौशांबी जिले के सिराथू स्टेशन के पास ट्रेन के एसी कोच में उनके घायल होने की सूचना सामने आई। ब्रह्मचारी का आरोप है कि एक व्यक्ति ने धारदार हथियार से उन पर हमला किया और उनकी नाक काटने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि हमले के बाद वह किसी तरह ट्रेन के टॉयलेट में घुसकर दरवाजा बंद करने में सफल हुए और अपनी जान बचाई। घटना के बाद प्रयागराज पहुंचने पर जीआरपी ने उन्हें अस्पताल भेजा, जहां मेडिकल जांच में चोटों की पुष्टि भी हुई है। इसी बीच श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ट्रेन के कोच अटेंडेंट के अनुसार टॉयलेट के बाहर कोई घटना नहीं हुई थी। फलाहारी का दावा है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने खुद ही टॉयलेट में जाकर अपनी नाक पर चीरा लगाया और इसे हमला बताकर कुछ लोगों व संगठनों को फंसाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच होनी है तो इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
CBI से जांच तथा और नार्को टेस्ट की मांग
दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं कि —
1—पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए
2—आशुतोष ब्रह्मचारी का नार्को टेस्ट कराया जाए
3— घटना की पूरी सच्चाई सार्वजनिक की जाए
उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि सरकार निष्पक्ष जांच नहीं कराती है तो वे इस मुद्दे पर भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। दूसरी ओर आशुतोष ब्रह्मचारी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ट्रेन में वास्तव में उन पर जानलेवा हमला हुआ था और हमलावर उनकी नाक काटकर अपने गुरु के चरणों में चढ़ाने की बात कर रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने की बात भी कही है, जिससे पूरे मामले में नई साजिश की आशंका जताई जा रही है। UP News











