कानपुर के फार्मास्युटिकल कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड की जांच में नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, कथित शूटर विशाल गौतम ने हत्या से दो दिन पहले नया सिम खरीदा था और इसी नंबर से कारोबारी के बेटे सुब्रत को छह बार कॉल की गई थी।

UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर में फार्मास्युटिकल कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या के मामले में पुलिस जांच लगातार नए सवालों की ओर बढ़ रही है। 5 सितंबर 2026 को हुई इस हत्या के बाद पुलिस अब संपत्ति, पारिवारिक संबंधों, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और आरोपियों के बीच संपर्क की गहनता से जांच कर रही है। मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, कारोबारी ने वर्ष 2022 में अपनी संपत्तियों की वसीयत पत्नी पुनीता, बेटे सुब्रत और बेटी शुभानी के नाम की थी। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संपत्ति और आर्थिक मामलों का हत्या से कोई संबंध था या नहीं। UP News
पुलिस के मुताबिक, कथित शूटर विशाल गौतम ने हत्या से दो दिन पहले यानी 3 सितंबर को नया सिम खरीदा था। इसके बाद इसी नंबर से कारोबारी के बेटे सुब्रत को छह बार कॉल की गई। पुलिस अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि हत्या के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कथित नए नंबर से सुब्रत से संपर्क क्यों किया गया था। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के अनुसार, इसी नंबर से सुब्रत की पत्नी शालू से भी बातचीत हुई थी। पुलिस इस संपर्क की परिस्थितियों और संबंधित बयानों की जांच कर रही है। हालांकि, कॉल रिकॉर्ड में किसी व्यक्ति का नाम या नंबर सामने आना अपने आप में अपराध में उसकी संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। UP News
जांच के दौरान पुलिस ने सुब्रत, शालू और विशाल से जुड़े सात मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड हासिल किए हैं। ये रिकॉर्ड 1 मई से 6 सितंबर तक की अवधि के बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, रिकॉर्ड करीब 1,000 पन्नों में हैं और उनका विश्लेषण किया जा रहा है। 1 मई से 5 सितंबर के बीच सुब्रत और विशाल के बीच करीब 309 बार बातचीत हुई थी। पुलिस इस संपर्क के समय, अवधि और संदर्भ को समझने का प्रयास कर रही है, ताकि हत्या से पहले और बाद की गतिविधियों के बीच संबंधों की जांच की जा सके। UP News
पुलिस ने बताया कि विशाल गौतम पहले विनीत मनोचा की कंपनी में काम करता था। कथित चोरी के आरोप में उसे नौकरी से हटा दिया गया था। इसके बावजूद उसका सुब्रत के साथ संपर्क बना रहा। अब जांचकर्ताओं के सामने यह सवाल है कि नौकरी से हटाए जाने के बाद दोनों के बीच बातचीत किन कारणों से होती रही। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के जरिए इस संपर्क की प्रकृति को समझने की कोशिश कर रही है। UP News
अदालत की अनुमति के बाद पुलिस ने जेल में शालू और विशाल से पूछताछ की। दोनों से हत्या की कथित योजना, बातचीत और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों से जुड़े 30 से अधिक सवाल पूछे गए। पुलिस के मुताबिक, शालू ने हत्या की योजना बनाने से इनकार किया है। वहीं विशाल ने कथित तौर पर शालू के कहने पर हत्या करने की बात कही और छह लाख रुपये तथा नौकरी देने के वादे का उल्लेख किया। पुलिस इन्हें अन्य साक्ष्यों के साथ जांच रही है। UP News
पुलिस आरोपियों के बयानों की तुलना CCTV फुटेज से कर रही है। विशेष रूप से सुब्रत के उस बयान की जांच की जा रही है, जिसमें उसने परिसर में दाखिल हुए व्यक्ति की पहचान विशाल के रूप में करने की बात कही थी। पुलिस ने आरोपियों की कस्टडी रिमांड भी मांगी है। रिमांड मिलने पर सुब्रत सहित संबंधित लोगों से आमने-सामने पूछताछ की संभावना जताई गई है। इसका उद्देश्य बयानों में मौजूद अंतर और घटनाक्रम से जुड़े सवालों को स्पष्ट करना है। UP News
जांच में पुलिस वारदात के बाद विशाल की गतिविधियों को भी ट्रेस कर रही है। हत्या के बाद विशाल ने अपने सहयोगी राज किशोर को पांच बार फोन किया था। इसके बाद वह उबर कैब से अपने ठिकाने तक गया। अब पुलिस कैब के रूट, ड्राइवर के बयान और डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इन जानकारियों से वारदात के बाद उसकी गतिविधियों और संपर्कों की कड़ियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है। UP News
विनीत मनोचा की संपत्तियों और आर्थिक मामलों की जांच भी की जा रही है। वर्ष 2022 में पंजीकृत वसीयत में उनकी संपत्तियां पत्नी पुनीता, बेटे सुब्रत और बेटी शुभानी के नाम की गई थीं। जांच में कानपुर और गाजियाबाद की संपत्तियों की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। इनमें बिरहाना रोड का फ्लैट और कैनाल रोड की संपत्ति भी शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस को सुब्रत पर कर्ज होने के संकेत मिलने की जानकारी दी गई है। इसमें ऑनलाइन क्रेडिट और अन्य देनदारियां शामिल होने की बात कही गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि संपत्ति के बंटवारे या आर्थिक मामलों का हत्या से कोई संबंध था अथवा नहीं। केवल संपत्ति या कर्ज से जुड़े तथ्यों के आधार पर हत्या का उद्देश्य निश्चित नहीं माना जा सकता। UP News
मामले में शालू के फोन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस आयुक्त ने उन रिपोर्टों को अफवाह बताया है, जिनमें शालू द्वारा इंटरनेट पर हत्या के तरीके खोजने का दावा किया गया था। शालू के वकील शिवाकांत दीक्षित ने जब्त फोन को लेकर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, फोन से जुड़े इंस्टाग्राम अकाउंट पर 6 सितंबर को सुबह 10:03 बजे गतिविधि दिखाई गई थी। वकील ने हत्या की रात सुब्रत के बैंक जाने की रिपोर्ट की जांच की मांग भी की है। इन दावों और डिजिटल साक्ष्यों का वास्तविक महत्व जांच तथा संबंधित प्रमाणों से स्पष्ट होगा। UP News
60 वर्षीय विनीत मनोचा बिरहाना रोड पर अपने बेटे के साथ फार्मास्युटिकल फर्म चलाते थे। रिपोर्ट के अनुसार, 5 सितंबर की तड़के उनकी चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में शालू, विशाल और राज किशोर जेल में हैं। पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल पेमेंट, कैब की जानकारी और आरोपियों के बयानों को एक साथ रखकर घटनाक्रम की जांच कर रही है। नए सिम से सुब्रत को की गई छह कॉल और संपत्ति से जुड़े तथ्यों ने जांच में नए सवाल जोड़े हैं। इन सवालों के अंतिम उत्तर जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे। UP News
विज्ञापन