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उत्तर प्रदेश के कानपुर से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। उत्तर प्रदेश के कानपुर स्तिथ शास्त्री नगर इलाके में घरेलू विवाद की शिकायत पर चौकी लाई गई एक युवक की कथित पिटाई इतनी बेरहमी से की गई कि उसका कान का पर्दा फट गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। उत्तर प्रदेश के कानपुर स्तिथ शास्त्री नगर इलाके में घरेलू विवाद की शिकायत पर चौकी लाई गई एक युवक की कथित पिटाई इतनी बेरहमी से की गई कि उसका कान का पर्दा फट गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और आरोपी चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। पूरे प्रकरण में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र का है। यहां एक परिवार के भीतर चल रहे घरेलू तनाव ने उस समय बड़ा रूप ले लिया, जब शिकायत चौकी तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि परिवार में रहने की व्यवस्था को लेकर पति-पत्नी के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। इसी विवाद के बाद पत्नी ने पुलिस से शिकायत की थी। परिवार की बुजुर्ग महिला का कहना है कि वह अपने छोटे बेटे के साथ रहती हैं, जबकि बड़ा बेटा दूसरे शहर में नौकरी करता है। अस्वस्थता के कारण छोटा बेटा अक्सर मां के कमरे में ही सो जाता था। इसी बात को लेकर बहू और बेटे के बीच विवाद बढ़ता चला गया। बाद में यह मामला पुलिस तक पहुंच गया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि मंगलवार को पुलिसकर्मी घर पहुंचे थे, लेकिन उस समय युवक घर पर नहीं मिला। शाम को उसके लौटने पर उसे चौकी बुलाया गया। आरोप है कि चौकी पहुंचने के बाद चौकी प्रभारी पवन मिश्रा ने अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर युवक की बुरी तरह पिटाई की। परिजनों का दावा है कि युवक को इतनी निर्दयता से मारा गया कि उसकी पीठ और कमर पर गहरे चोट के निशान उभर आए। सबसे गंभीर बात यह रही कि मारपीट के दौरान उसके कान पर ऐसी चोट लगी, जिससे उसका कान का पर्दा फट गया। इसके बाद उसे सुनने में दिक्कत होने लगी। जब युवक की मां चौकी पहुंचीं तो बेटे की हालत देखकर वह घबरा गईं। इसके बाद वह उसे तत्काल डॉक्टर के पास लेकर गईं। मेडिकल जांच में सामने आया कि युवक के एक कान का पर्दा फट चुका है। इस रिपोर्ट के बाद मामला और गंभीर हो गया।
मामला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद एसीपी स्वरूप नगर शिखर ने दोनों पक्षों से पूछताछ की। पीड़ित पति-पत्नी के बयान के साथ चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों से भी जानकारी ली गई। शुरुआती जांच में चौकी प्रभारी पवन मिश्रा की भूमिका संदिग्ध ही नहीं, बल्कि दोषपूर्ण पाई गई। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। साथ ही पूरे मामले में विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने साफ कहा है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। UP News
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