कानपुर के अरमापुर एस्टेट स्थित रामलीला ग्राउंड में गुरुवार देर रात एक झूला गिरने से करीब 30 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद झूला ऑपरेटर मौके से फरार हो गया है।

UP News : कानपुर के दशहरा मेले में मौज-मस्ती का माहौल उस वक्त चीख-पुकार में बदल गया, जब चलने के महज 30 सेकंड बाद ही लोगों से भरे झूले का ढांचा अचानक एक तरफ झुककर टूट गया। झूले पर बच्चों समेत करीब 30 लोग सवार थे। यह हादसा देर रात अरमापुर एस्टेट स्थित रामलीला ग्राउंड में हुआ। झूला शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को करीब रात 1:23 बजे संचालित हुआ था, तभी वह अचानक गिर गया। इस घटना ने मेले में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। UP News
यह भी पढ़ें :उत्तर प्रदेश में 14 PCS अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के ADM - SDM बदले
पुलिस के शुरुआती बयानों में सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की बात कही गई थी, लेकिन बाद की रिपोर्टों में पुष्टि हुई कि इस हादसे में लगभग 30 लोग घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद झूले का ऑपरेटर, जिसकी पहचान सत्यप्रकाश उर्फ छोटे ठाकुर के रूप में हुई है, मौके से फरार हो गया। UP News
इसे भी पढ़ें : भरत मिलापपर्व को लेकर हाई अलर्ट, ड्रोन कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही पुलिस
एडीसीपी वेस्ट और एडीएम सिटी सहित अधिकारियों ने झूले की संरचनात्मक मजबूती की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या झूले ने अपनी 250 किलोग्राम की वजन क्षमता का पालन किया था या नहीं। UP News
अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या ऑपरेटर ने सुरक्षा मानकों का पालन किया था। भारतीय सुरक्षा मानकों (IS 15475 सीरीज) के तहत मनोरंजन झूलों के लिए फिटनेस निरीक्षण, फायर विभाग से एनओसी और वैध थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होना अनिवार्य है। जांच दल यह भी देख रहा है कि मेले से पहले किसी योग्य मैकेनिकल इंजीनियर द्वारा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया गया था या नहीं। दिल्ली में हुई एक अलग घटना सहित क्षेत्र में मेलों के दौरान होने वाले हादसों के बाद अब मौसमी आकर्षणों के सुरक्षा अनुपालन की व्यापक समीक्षा की जा रही है। UP News
विज्ञापन