उत्तर प्रदेश में एसी न चलने से नाराज हुआ दुल्हा, बारात बिना दुल्हन के लौटी

औरैया जिले के बिधूना क्षेत्र में एक शादी समारोह अचानक विवाद में बदल गया। मामला दहेज की मांग और कमरे में एसी न चलने को लेकर दोनों पक्षों के बीच लड़ाई में तब्दील हो गया।

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शादी समारोह अचानक विवाद में बदल गया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Mar 2026 05:39 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बिधूना क्षेत्र में एक शादी समारोह अचानक विवाद में बदल गया। मामला दहेज की मांग और कमरे में एसी न चलने को लेकर दोनों पक्षों के बीच लड़ाई में तब्दील हो गया। लड़के के पक्ष ने पांच लाख रुपये नकद की अतिरिक्त मांग की, जिससे लड़की पक्ष असहज हो गया और आखिरकार बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।

विवाद का कारण

जानकारी के अनुसार, 11 मार्च को कानपुर के पास परघई गांव से उदय पुत्र शिवशंकर की बारात बिधूना के गोपाल मैरिज होम में पहुंची। लड़की पक्ष ने परंपरा अनुसार स्वागत और नाश्ते की व्यवस्था की। इसके बाद लगन की रस्म भी पूरी की गई। लेकिन इसी दौरान लड़के पक्ष ने अचानक पांच लाख रुपये नकद की मांग रख दी। लड़की पक्ष ने इतना बड़ा रकम देने में असमर्थता जताई, जिससे मामला बढ़ गया।

एसी और रिमोट विवाद

लड़की पक्ष ने बताया कि कमरे का एसी काम नहीं कर रहा था, और इसके रिमोट को बारातियों ने तोड़ दिया। इससे दोनों पक्षों के बीच झगड़ा और मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि लड़के पक्ष ने महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी हाथापाई की। लड़की पक्ष का कहना है कि शादी से पहले ही वर-रक्षा की रस्म में 21 डलिया फल, 21 जोड़ी कपड़े और करीब 1.80 लाख रुपये नकद दे दिए गए थे। इसके बावजूद लड़के पक्ष द्वारा अतिरिक्त पांच लाख रुपये की मांग की गई।

बारात बिना दुल्हन के लौट गई

लगभग 250 लोगों के साथ आई बारात रात भर हंगामा करती रही। सुबह करीब चार बजे बारात बिना शादी किए ही वापस लौट गई, जिससे शादी अधूरी रह गई। घटना के बाद लड़की पक्ष बिधूना कोतवाली पहुंचा और न्याय की मांग की। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


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उत्तर प्रदेश में है दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल, जानें शहर का नाम

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित सिटी मोंटेसरी स्कूल दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल माना जाता है। इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। यह स्कूल 1959 में डॉ. जगदीश गांधी और डॉ. भारती गांधी द्वारा शुरू किया गया था।

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सिटी मोंटेसरी स्कूल
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Mar 2026 05:19 PM
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UP News : भारत के उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित सिटी मोंटेसरी स्कूल दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल माना जाता है। इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। यह स्कूल 1959 में डॉ. जगदीश गांधी और डॉ. भारती गांधी द्वारा शुरू किया गया था। शुरुआत केवल पांच छात्रों के साथ हुई थी, लेकिन आज यह विश्व के सबसे बड़े शैक्षणिक संस्थानों में से एक बन चुका है।

छात्र और स्टाफ

इस स्कूल में 60,000 से अधिक छात्र पढ़ते हैं।

पूरे लखनऊ में इसके 21 अलग-अलग कैंपस हैं।

लगभग 4,500 शिक्षक और प्रशासनिक कर्मचारी यहाँ कार्यरत हैं।

शिक्षा प्रणाली

इस स्कूल में शिक्षा चार स्तरों में दी जाती है: 

1. प्री-प्राइमरी - खेल-खेल में सीखने का माहौल।

2. प्राइमरी

3. जूनियर

4. सीनियर सेकेंडरी

यहाँ केवल अकादमिक शिक्षा पर ही ध्यान नहीं दिया जाता, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, नैतिक मूल्य और सामाजिक कौशल के विकास पर भी जोर दिया जाता है।

स्कूल में सुविधाएँ

* 1,000 से अधिक कक्षाएं।

* 3,700 से अधिक कंप्यूटर।

* अत्याधुनिक तकनीक और संसाधनों के साथ आधुनिक शिक्षा।

* 2005 -दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल (गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड)।

* 2002 - यूनेस्को शांति शिक्षा पुरस्कार।

* दलाई लामा द्वारा होप आफ ह्यूमिनिटी अवार्ड।





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उत्तर प्रदेश में गैस संकट के बीच भट्ठियों और इंडक्शन की कीमतें बढ़ीं

एलपीजी गैस की कमी ने लोगों को खाना पकाने के विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया है। इस बीच, भट्ठियों और इंडक्शन चूल्हों की कीमतों में अचानक वृद्धि देखने को मिली है।

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एलपीजी गैस की कमी ने लोगों को खाना पकाने के विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Mar 2026 04:19 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में एलपीजी गैस की कमी ने लोगों को खाना पकाने के विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया है। इस बीच, भट्ठियों और इंडक्शन चूल्हों की कीमतों में अचानक वृद्धि देखने को मिली है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 500 का भट्ठी अब 3,500 में बिक रहा है। यह वृद्धि खास तौर पर होटल और ढाबा संचालकों को प्रभावित कर रही है, जो बड़ी संख्या में भट्ठियों पर निर्भर हैं। कई दुकानदार बुकिंग कराने के बाद भी ग्राहकों को 7-8 दिन तक इंतजार करने के लिए कह रहे हैं।

इंडक्शन चूल्हों की मांग में तेजी

गैस की कमी के कारण लोग अब इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों की ओर बढ़ रहे हैं। दुकानदार मांग का फायदा उठाकर इन्हें तय कीमत से ज्यादा में बेच रहे हैं। कई स्थानों पर इंडक्शन चूल्हों का स्टॉक भी समाप्त हो चुका है, जिससे ग्राहकों को 2-3 दिन बाद डिलीवरी मिल रही है। वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति में व्यवधान, खासकर इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष, ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। इसके असर से देश में गैस और पेट्रोल जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता में कमी देखने को मिल सकती है।

सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र

शादियों और बड़े आयोजनों में गैस सिलेंडर की सबसे ज्यादा कमी। होटल, ढाबा और हॉस्टल में खाना बनाने में समस्या। मंदिरों में प्रसाद के लिए थोड़ी राहत, लेकिन यह केवल संक्षिप्त समय के लिए है। गैस की किल्लत ने लोगों को वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए मजबूर किया है, लेकिन इसी के कारण भट्ठियों और इंडक्शन की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। आम जनता, व्यापारिक संस्थान और आयोजकों के लिए यह संकट दिन-ब-दिन गंभीर होता जा रहा है।



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