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इस दौरान ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान की गई जहां बेसमेंट का इस्तेमाल नियमों के खिलाफ किया जा रहा था। टीम ने करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई में 16 प्रतिष्ठानों के बेसमेंट सील कर दिए।

लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। इसी कड़ी में कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बेसमेंट सील कर दिए हैं। यह कार्रवाई KDA उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक के निर्देश पर की गई। अधिकारियों का कहना है कि जिन जगहों पर नक्शे के नियमों का पालन नहीं किया गया है या बेसमेंट का गलत इस्तेमाल हो रहा है वहां आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
सोमवार शाम KDA की प्रवर्तन टीम ने शहर के कई इलाकों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान की गई जहां बेसमेंट का इस्तेमाल नियमों के खिलाफ किया जा रहा था। टीम ने करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई में 16 प्रतिष्ठानों के बेसमेंट सील कर दिए। इसके अलावा 22 अन्य प्रतिष्ठानों को भी चिह्नित किया गया है जिन पर आगे कार्रवाई की जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, KDA के अधिकारियों का कहना है कि बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किंग और स्टोर के लिए होना चाहिए लेकिन कई जगहों पर वहां कोचिंग, लाइब्रेरी और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। इसी वजह से यह कार्रवाई की गई है।
लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में हुए अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस हादसे ने यह दिखा दिया कि अगर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाए तो छोटी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है। यही वजह है कि अब प्रशासन ऐसे संस्थानों की जांच कर रहा है जहां बड़ी संख्या में छात्र आते हैं और सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं।
कानपुर का काकादेव इलाका कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। यहां इंजीनियरिंग, मेडिकल, सिविल सेवा, एसएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कई बड़े और छोटे संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा डिजिटल लाइब्रेरी भी बड़ी संख्या में संचालित हो रही हैं। जांच के दौरान यह पाया गया कि कई कोचिंग और लाइब्रेरी बेसमेंट में चल रही हैं। कई जगहों पर आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता है। ऐसे में अगर कोई आपात स्थिति पैदा हो जाए तो छात्रों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है।
जांच के दौरान कई जगहों पर फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। कुछ संस्थानों में केवल फायर एक्सटिंग्विशर रखे गए थे, जबकि बड़े हादसे से निपटने के लिए जरूरी अन्य सुविधाएं नजर नहीं आईं। इसी वजह से प्रशासन अब सुरक्षा मानकों की जांच पर ज्यादा ध्यान दे रहा है।
इससे पहले दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद भी बेसमेंट में चल रही गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। उस समय कई जगहों को खाली कराया गया था लेकिन समय बीतने के साथ कई बेसमेंट में फिर से कोचिंग, लाइब्रेरी, अस्पताल और अन्य व्यवसायिक गतिविधियां शुरू हो गईं। अब लखनऊ हादसे के बाद प्रशासन फिर से सख्ती दिखा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और छात्रों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
KDA अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी। शहर में लगातार जांच अभियान चलाया जाएगा और जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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