रईसजादे शिवम मिश्रा का पूरा परिवार तथा वकील दावा कर रहे थे कि दुर्घटना के समय शिवम मिश्रा गाड़ी नहीं चला रहे थे। उनका दावा था कि उस समय गाड़ी शिवम मिश्रा का ड्राईवर चला रहा था।

UP News : उत्तर प्रदेश के अरबपति रईसजादे का सच सामने आ गया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में रहने वाले चर्चित व्यापारी के.के. मिश्रा के रईस पुत्र शिवम मिश्रा ने अपनी महंगी कार लैंबोर्गिनी से अनेक राहगीरों को टक्कर मार दी थी। रईसजादे शिवम मिश्रा का पूरा परिवार तथा वकील दावा कर रहे थे कि दुर्घटना के समय शिवम मिश्रा गाड़ी नहीं चला रहे थे। उनका दावा था कि उस समय गाड़ी शिवम मिश्रा का ड्राईवर चला रहा था।
इस मामले में घटना के समय का वीडियो सामने आया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो ने पूरी घटना का सच सबके सामने रख दिया है। इस वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर शिवम मिश्रा बैठे हैं. वीडियो में किसी अन्य व्यक्ति को ड्राइवर सीट पर उतरते या निकलते हुए नहीं देखा जा रहा। इसके अलावा, मौके पर मौजूद बाउंसर वॉकी-टॉकी हाथ में लिए बातचीत करते नजर आते हैं। वे भीड़ को दूर हटने के लिए कहते दिख रहे हैं. घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल साफ झलकता है। यही वीडियो अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है अगर ड्राइवर मोहन गाड़ी चला रहा था, तो वह फुटेज में क्यों नजर नहीं आ रहा?
इस पूरे मामले में शिवम के पिता और शहर के चर्चित व्यापारी केके मिश्रा खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके बेटे को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, वे भ्रामक हैं। केके मिश्रा के अनुसार, हादसे से एक दिन पहले लैंबॉर्गिनी में तकनीकी खराबी आ गई थी। मैकेनिक बुलाकर गाड़ी ठीक कराई गई थी और अगले दिन टेस्टिंग के लिए उसे निकाला गया. उनका कहना है कि शिवम अपने ड्राइवर मोहन के साथ गाड़ी में थे और ड्राइविंग सीट पर मोहन ही था। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी इसके उलट बोल रहा है, वह गलत जानकारी दे रहा है चाहे वह पुलिस हो या पुलिस कमिश्नर। ड्राइवर मोहन का कोर्ट में दिया गया एफिडेविट, जिसमें उसने दावा किया कि हादसे के समय गाड़ी वही चला रहा था।
केके मिश्रा ने जो घटनाक्रम बताया, वह पूरी तरह अलग तस्वीर पेश करता है। उनके मुताबिक, टेस्टिंग के बाद जब गाड़ी लौट रही थी, तभी शिवम को अचानक झपकी आने लगी। ड्राइवर ने यह महसूस किया और उन्हें संभालने की कोशिश की। इसी दौरान स्टीयरिंग पर नियंत्रण कम हुआ और बगल से गुजर रहे एक ऑटो से हल्की टक्कर हो गई। उनका कहना है कि टक्कर के बाद गाड़ी का दरवाजा लॉक हो गया। पीछे चल रही सिक्योरिटी टीम ने स्थिति को गंभीर समझते हुए शीशा तोड़ा और शिवम को बाहर निकाला। परिवार का दावा है कि यह कोई भागने की कोशिश नहीं थी, बल्कि मेडिकल इमरजेंसी थी। केके मिश्रा के अनुसार, शिवम को तुरंत घर लाया गया और डॉक्टर से संपर्क किया गया। डॉक्टर की सलाह पर दवाएं दी गईं और बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अभी जांच चल रही है ब्लड प्रेशर, ब्रेन से जुड़ी जांच और सीटी स्कैन कराया जा रहा है। बिना मेडिकल रिपोर्ट के नशे जैसी अटकलें लगाना गैर-जिम्मेदाराना है। मामले में पुलिस कमिश्नर का बयान भी सामने आ चुका है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार गाड़ी शिवम मिश्रा चला रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि शुरुआती एफआईआर में शिवम का नाम नहीं था। बाद में जब मामला चर्चा में आया और सवाल उठे, तब उनका नाम जोड़ा गया। UP News