उत्तर प्रदेश के कानपुर में वकील और दो पुलिसकर्मियों के बीच सड़क पर हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पहले दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होती है, फिर देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच जाता है।

UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर में वकील और दो पुलिसकर्मियों के बीच सड़क पर हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पहले दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होती है, फिर देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच जाता है। बीच सड़क पर लात-घूंसे और थप्पड़ों की बरसात होती है, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है। वीडियो सामने आने के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। UP News
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बताया जा रहा है कि करीब दो मिनट 41 सेकंड का यह वीडियो कानपुर के सिविल लाइंस स्थित गुप्तार घाट इलाके का है। जानकारी के अनुसार, डायल-112 में तैनात सिपाही धीरज मिश्रा और पहले से निलंबित चल रहे सिपाही दुष्यंत सिंह एक वाहन चालक के दस्तावेजों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे कुछ वकीलों से उनकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष सड़क पर ही एक-दूसरे से भिड़ गए और मारपीट शुरू हो गई। वायरल वीडियो में कभी पुलिसकर्मी वकील पर हावी दिखाई देते हैं तो कभी वकील सिपाही पर हमला करता नजर आता है। आसपास मौजूद लोगों ने कई बार दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन विवाद बार-बार भड़कता रहा। पूरी घटना वहां मौजूद लोगों के मोबाइल कैमरों में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। घटना के बाद वकीलों ने आरोप लगाया कि दोनों पुलिसकर्मी कथित तौर पर नशे की हालत में वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे, जिसका विरोध करने पर विवाद हुआ। वहीं, स्थानीय लोगों का भी दावा है कि दोनों पक्षों के बीच नशे की हालत में झड़प हुई। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। UP News
वीडियो सामने आने के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डायल-112 में तैनात सिपाही धीरज मिश्रा को निलंबित कर दिया है। वहीं पहले से निलंबित चल रहे सिपाही दुष्यंत सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार दुष्यंत सिंह करीब छह महीने से निलंबित है, लेकिन इसके बावजूद वह वर्दी पहनकर घूम रहा था, जो नियमों के विपरीत माना जा रहा है। इस मामले में भी अलग से विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। एसीपी आनंद ओझा ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना की शुरुआत कैसे हुई और मारपीट के लिए किसकी क्या भूमिका रही। UP News
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