कानपुर के नए जिलाधिकारी IAS महेंद्र सिंह तंवर कौन हैं? जानिए 2015 बैच के अधिकारी की शिक्षा, प्रशासनिक सफर, विकास कार्यों और कविता व संगीत से जुड़ाव की पूरी जानकारी।

उत्तर प्रदेश में सोमवार देर रात हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में 34 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस फेरबदल में 14 जिलों के जिलाधिकारी भी बदले गए हैं। इसी फेरबदल मे कानपुर नगर को भी नया जिलाधिकारी मिल गया है। 2015 बैच के आईएएस अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को कानपुर नगर का नया जिला मजिस्ट्रेट यानी जिलाधिकारी बनाया गया है प्रशासनिक सेवा में लंबे अनुभव और अलग-अलग जिलों में विकास कार्यों से जुड़े रहने के कारण महेंद्र सिंह तंवर की नई जिम्मेदारी को लेकर चर्चा हो रही है। महेंद्र सिंह तंवर उत्तर प्रदेश कैडर के 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा में आने से पहले निजी क्षेत्र में करीब दो साल तक काम किया था। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा का रुख किया और भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन के बाद उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
महेंद्र सिंह तंवर का जन्म हरियाणा के रोहतक जिले में हुआ था। उन्होंने भिवानी के TIT&S कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई की है। प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों और विभागों में काम किया। उनके प्रशासनिक अनुभव में फील्ड स्तर से लेकर विकास प्राधिकरण और नगर निगम जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां शामिल रही हैं। महेंद्र सिंह तंवर के पिता ओम प्रकाश सिंह तंवर भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के अलावा उनकी रुचि कविता लेखन में भी बताई जाती है। यही वजह है कि उनकी पहचान सिर्फ एक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर ही नहीं, बल्कि साहित्य और संगीत से जुड़े व्यक्ति के रूप में भी सामने आती है।
आईएएस अधिकारी के तौर पर महेंद्र सिंह तंवर ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। उनके प्रशासनिक करियर में बहराइच में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट, एटा में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और शाहजहांपुर में मुख्य विकास अधिकारी यानी सीडीओ की जिम्मेदारी शामिल रही है। इसके बाद उन्होंने गाजियाबाद नगर निगम में नगर आयुक्त और गोरखपुर विकास प्राधिकरण यानी जीडीए में उपाध्यक्ष के तौर पर भी काम किया। इन पदों पर काम करते हुए उन्हें शहरी विकास, स्थानीय प्रशासन और विकास परियोजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों को संभालने का अनुभव मिला।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के रूप में महेंद्र सिंह तंवर के कार्यकाल के दौरान अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके साथ ही खोराबार मेडिसिटी और नौका विहार जैसी विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का काम भी उनके कार्यकाल से जुड़ा रहा। गोरखपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी संभालने के दौरान शहरी नियोजन और विकास से जुड़े विषय उनके काम का अहम हिस्सा रहे।
महेंद्र सिंह तंवर संतकबीरनगर के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं। वहां उनके कार्यकाल के दौरान बखिरा में ईको पार्क के विकास, मुखलिसपुर तिराहे से पुरानी मंडी हटाने और बरदहिया बाजार के विकास जैसे काम चर्चा में रहे। सेमरियावां ब्लॉक में करीब 5 हजार साल पुरानी बताई गई पुरातात्विक धरोहर के संरक्षण से जुड़ा काम भी उनके प्रमुख कार्यों में शामिल रहा। संतकबीरनगर में उनके कार्यकाल के दौरान कई विकास कार्यों को लेकर वह चर्चा में रहे।
संतकबीरनगर में प्रशासनिक जिम्मेदारी के दौरान विकास के साथ स्थानीय विरासत और बाजारों के विकास से जुड़े काम भी किए गए। बखिरा ईको पार्क और पुरातात्विक धरोहर के संरक्षण जैसे कार्यों ने उनके कार्यकाल को अलग पहचान दी।
महेंद्र सिंह तंवर कुशीनगर के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं। वहां उन्होंने प्रशासनिक कामकाज के दौरान भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गलत इस्तेमाल से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की। उनके कार्यकाल में 30 ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपये के गलत इस्तेमाल का मामला सामने आया था। कुशीनगर में जिलाधिकारी के रूप में उनकी जिम्मेदारी पर्यटन, विकास योजनाओं, ग्रामीण प्रशासन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी रही।
महेंद्र सिंह तंवर की पहचान का एक दिलचस्प पहलू उनका संगीत और कविता से जुड़ाव है। अयोध्या में लॉन्च हुए एलबम रामतरंग के 14 गानों में से 7 गाने उनके द्वारा लिखे जाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ रचनात्मक क्षेत्र में उनकी रुचि उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग पहचान देती है। कविता लेखन में रुचि रखने वाले महेंद्र सिंह तंवर का संगीत और संस्कृति से भी जुड़ाव रहा है।
अब महेंद्र सिंह तंवर को कानपुर नगर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। उन्होंने पदभार संभाल लिया है। उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल कानपुर में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विकास संबंधी चुनौतियों से जुड़ी है। कानपुर में नई जिम्मेदारी के साथ उनके सामने शहर के प्रशासन, विकास योजनाओं और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय जैसी जिम्मेदारियां होंगी। अलग-अलग जिलों और शहरी विकास से जुड़े पदों पर काम करने का उनका अनुभव इस नई भूमिका का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा। महेंद्र सिंह तंवर का प्रशासनिक सफर बहराइच से शुरू होकर एटा, शाहजहांपुर, गाजियाबाद, गोरखपुर, संतकबीरनगर और कुशीनगर जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से गुजरता हुआ अब कानपुर तक पहुंचा है। प्रशासनिक अनुभव के साथ विकास कार्यों, संस्कृति और कविता में उनकी रुचि उनके प्रोफाइल को खास बनाती है। अब कानपुर के नए जिलाधिकारी के तौर पर उनकी नई जिम्मेदारी पर लोगों और प्रशासनिक हलकों की नजर रहेगी।
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