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लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में कानपुर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान फायर सेफ्टी और भवन मानकों की अनदेखी का बड़ा मामला सामने आया है।

UP News : लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में कानपुर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान फायर सेफ्टी और भवन मानकों की अनदेखी का बड़ा मामला सामने आया है। प्रशासन ने पिछले तीन दिनों में 54 इमारतों को सील कर दिया है, जबकि करीब 90 अन्य भवनों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें कोचिंग सेंटर, अस्पताल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और बेसमेंट में संचालित कई संस्थान शामिल हैं।
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कानपुर का काकादेव क्षेत्र प्रदेश के सबसे बड़े कोचिंग केंद्रों में गिना जाता है। यहां और शहर के अन्य हिस्सों में मिलाकर 800 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। जांच के दौरान सामने आया कि इनमें से केवल लगभग 40 संस्थानों के पास ही फायर विभाग की वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) है। यानी बड़ी संख्या में छात्र ऐसे भवनों में पढ़ाई कर रहे हैं, जहां आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश संस्थानों में अग्नि सुरक्षा उपकरण या तो मौजूद नहीं हैं या फिर निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं। कई जगहों पर आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की भी कमी पाई गई है।
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निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई भवनों के बेसमेंट का उपयोग नियमों के विपरीत कोचिंग सेंटर, अस्पताल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। ऐसे भवनों को तत्काल प्रभाव से सील करने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, बेसमेंट में संचालित संस्थानों में आग या अन्य आपदा की स्थिति में लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने की संभावना बेहद कम होती है। इसी वजह से ऐसे मामलों को गंभीर सुरक्षा खतरे के रूप में देखा जा रहा है।
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