कानपुर लैंबॉर्गिनी मामले में पुलिस का सख्त एक्शन, आरोपी शिवम मिश्रा को किया गिरफ्तार
Kanpur Lamborghini Case: कानपुर के ग्वालटोली वीआईपी रोड पर हुए चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे में पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। करीब 12 करोड़ रुपये की तेज रफ्तार सुपरकार ने ई-रिक्शा, बाइक सवार और राहगीर को टक्कर मार दी थी।

उत्तर प्रदेश के कानपुर के ग्वालटोली वीआईपी रोड पर हुए लैंबॉर्गिनी हादसे में बड़ा अपडेट सामने आया है। कानपुर के इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने अब बड़ा कदम उठाते हुए आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। शिवम मिश्रा बंशीधर टोबैको ग्रुप के बिजनेस टायकून केके मिश्रा के बेटे हैं और घटना के समय कार में मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि हादसे की जिम्मेदारी सीधे तौर पर शिवम मिश्रा की है हालांकि बचाव पक्ष ने दावा किया कि कार चालक मोहन लाल था।
हादसे में कई लोग हुए थे घायल
कानपुर के इस मामले ने शहर में सनसनी मचा दी थी। कानपुर लैंबॉर्गिनी मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि इसमें शामिल कार लगभग 12 करोड़ रुपये की सुपरकार थी। तेज रफ्तार में बेकाबू हुई इस कार ने पहले एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी फिर एक बाइक सवार और एक राहगीर को घायल कर दिया। इसके बाद कार सड़क किनारे लगे खंभे से जा टकराई। इस हादसे में कई लोग घायल हुए थे और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे के बाद पहचान छिपाने की कोशिश
हादसे के बाद कई वीडियो भी सामने आए जिनमें कुछ बाउंसर नजर आ रहे हैं। इन वीडियो में बाउंसर कार के आसपास नंबर प्लेट हटाने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। साथ ही बाउंसरों के हाथ में वॉकी-टॉकी भी दिखा और वे लोगों को दूर हटने के लिए कहते नजर आए। इन वीडियोज ने यह सवाल उठाए कि हादसे के बाद पहचान छिपाने की कोशिश की गई या नहीं।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
कानपुर पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। पुलिस ने दावा किया कि इस हाई-प्रोफाइल हादसे की जांच में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी और सभी जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सिर्फ कानपुर ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश भर में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर इस हादसे के कई वीडियो और अपडेट तेजी से वायरल हो रहे हैं। ऐसे मामलों में तेज रफ्तार सुपरकार और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के खतरों को भी उजागर किया गया है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर के ग्वालटोली वीआईपी रोड पर हुए लैंबॉर्गिनी हादसे में बड़ा अपडेट सामने आया है। कानपुर के इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने अब बड़ा कदम उठाते हुए आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। शिवम मिश्रा बंशीधर टोबैको ग्रुप के बिजनेस टायकून केके मिश्रा के बेटे हैं और घटना के समय कार में मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि हादसे की जिम्मेदारी सीधे तौर पर शिवम मिश्रा की है हालांकि बचाव पक्ष ने दावा किया कि कार चालक मोहन लाल था।
हादसे में कई लोग हुए थे घायल
कानपुर के इस मामले ने शहर में सनसनी मचा दी थी। कानपुर लैंबॉर्गिनी मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि इसमें शामिल कार लगभग 12 करोड़ रुपये की सुपरकार थी। तेज रफ्तार में बेकाबू हुई इस कार ने पहले एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी फिर एक बाइक सवार और एक राहगीर को घायल कर दिया। इसके बाद कार सड़क किनारे लगे खंभे से जा टकराई। इस हादसे में कई लोग घायल हुए थे और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे के बाद पहचान छिपाने की कोशिश
हादसे के बाद कई वीडियो भी सामने आए जिनमें कुछ बाउंसर नजर आ रहे हैं। इन वीडियो में बाउंसर कार के आसपास नंबर प्लेट हटाने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। साथ ही बाउंसरों के हाथ में वॉकी-टॉकी भी दिखा और वे लोगों को दूर हटने के लिए कहते नजर आए। इन वीडियोज ने यह सवाल उठाए कि हादसे के बाद पहचान छिपाने की कोशिश की गई या नहीं।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
कानपुर पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। पुलिस ने दावा किया कि इस हाई-प्रोफाइल हादसे की जांच में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी और सभी जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सिर्फ कानपुर ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश भर में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर इस हादसे के कई वीडियो और अपडेट तेजी से वायरल हो रहे हैं। ऐसे मामलों में तेज रफ्तार सुपरकार और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के खतरों को भी उजागर किया गया है।












