उत्तर प्रदेश पुलिस इस अरबपति रईसजादे को सजा देने की बजाय रईसजादे के बचाव में जुटी हुई है। रईसजादे की कार से हुए एक्सीडेंट की FIR तक में शिवम मिश्रा नाम के इस रईसजादे का नाम तक नहीं है।

UP News : उत्तर प्रदेश का एक अरबपति रईसजादा चर्चा का विषय बन गया है। उत्तर प्रदेश के रहने वाले इस रईसजादे का नाम शिवम मिश्रा है। इस रईसजादे ने अपनी महंगी कार लैंबोर्गिनी को सड़क पर चलते हुए राहगीरों के ऊपर चढ़ा दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस इस अरबपति रईसजादे को सजा देने की बजाय रईसजादे के बचाव में जुटी हुई है। रईसजादे की कार से हुए एक्सीडेंट की FIR तक में शिवम मिश्रा नाम के इस रईसजादे का नाम तक नहीं है।
आपको बता दें कि कानपुर में बंशीधर टोबैको ग्रुप के नाम से एक प्रसिद्ध कंपनी स्थापित है। इस कंपनी में शिवम मिश्रा नामक रईसजादा निदेशक है। रविवार की शाम को शिवम मिश्रा की तेज रफ्तार लैंबोर्गिनी कार ने बाइक और ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कानपुर के इस रईसजादे का नाम एक बार फिर चर्चा में है। शिवम मिश्रा के पिता केके मिश्रा कानपुर के प्रतिष्ठित बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक हैं। करीब 90 साल पहले स्थापित यह कंपनी देश के बड़े पान मसाला ब्रांड्स को कच्चा माल सप्लाई करती है। इनका कारोबारी नेटवर्क उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली, गुजरात और मुंबई तक फैला हुआ है। शिवम मिश्रा कंपनी में डायरेक्टर के पद पर तैनात हैं।
मार्च 2024 में यह परिवार तब चर्चा में आया था जब आयकर विभाग ने इनके 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच में करोड़ों की टैक्स चोरी और बेहिसाब संपत्ति का पता चला था। रेड के दौरान दिल्ली वाले घर से भारी नकदी और डायमंड घड़ियां मिली थीं। उस वक्त एक बड़ा विवाद तब हुआ जब अधिकारियों पर कथित तौर पर पिस्टल तानने की बात सामने आई थी। इन घटनाओं ने शिवम मिश्रा को रातों-रात देशभर में चर्चित कर दिया था और अब लैंबोर्गिनी हादसे ने उनके नाम को फिर विवादों में ला दिया है। शिवम मिश्रा अपनी रईसी और बेहद महंगे शौक के लिए जाने जाते हैं। उनके पास दुनिया की सबसे महंगी कारों का कलेक्शन है, जिसमें रोल्स रॉयस, लैंबॉर्गिनी, फेरारी, मैकलेरन और पोर्श जैसी गाड़ियां शामिल हैं। कारों के अलावा वे करोड़ों रुपये की ब्रांडेड और डायमंड घड़ियों के भी शौकीन हैं। यही आलीशान लाइफस्टाइल अक्सर उन्हें चर्चा का केंद्र बनाए रखती है। रविवार को हुई दुर्घटना के बाद उनके इसी रसूख और पुलिस द्वारा दिए जा रहे कथित 'वीआईपी ट्रीटमेंट' की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
हादसे में कई लोगों के घायल होने के बावजूद FIR में शिवम मिश्रा का नाम शामिल न होने पर पीड़ित पक्ष और जनता में भारी रोष है। वायरल वीडियो में उतर प्रदेश पुलिस कार को ढकती नजर आई, जिससे आरोपों को और बल मिला है। 90 साल पुराने औद्योगिक घराने की साख पर इस घटना ने गहरा धक्का लगाया हैं। फिलहाल, बंशीधर टोबैको ग्रुप और शिवम मिश्रा एक बार फिर जांच एजेंसियों और जनता के निशाने पर हैं। UP News