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प्रिंसिपल पर छात्राओं के साथ आपत्तिजनक व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला तब सामने आया जब कक्षा चार में पढ़ने वाली 10 वर्षीय छात्रा ने कोचिंग जाने से इनकार कर दिया। मां के पूछने पर बच्ची ने प्रिंसिपल पर गलत तरीके से छूने और परेशान करने का आरोप लगाया।

UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के पनकी इलाके में एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल पर छात्राओं के साथ आपत्तिजनक व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला तब सामने आया जब कक्षा चार में पढ़ने वाली 10 वर्षीय छात्रा ने कोचिंग जाने से इनकार कर दिया। मां के पूछने पर बच्ची ने प्रिंसिपल पर गलत तरीके से छूने और परेशान करने का आरोप लगाया। बेटी की बात सुनकर परिजनों ने जब अन्य छात्राओं के परिवारों से संपर्क किया तो कुछ और बच्चियों ने भी इसी तरह की शिकायतें बताईं। इसके बाद अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने स्कूल पहुंचकर आरोपी प्रिंसिपल से जवाब मांगा। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। UP News
जानकारी के मुताबिक, पनकी क्षेत्र में रहने वाले एक निजी कंपनी कर्मचारी की 10 वर्षीय बेटी कक्षा चार की छात्रा है। परिवार बेटी को नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी करा रहा था। इसी वजह से उसे इलाके के एक प्री-किड्स स्कूल में कोचिंग के लिए भेजा जाता था। बताया जा रहा है कि स्कूल के प्रिंसिपल बृजेश कुमार पाल ही छात्रा को पढ़ाते थे। शनिवार शाम अचानक बच्ची ने कोचिंग जाने से मना कर दिया। जब मां ने इसका कारण पूछा तो पहले वह कुछ नहीं बोली। इसके बाद मां ने प्यार से और सख्ती से पूछताछ की तो बच्ची रोने लगी और उसने पूरी बात बताई। छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल उसके साथ गलत व्यवहार करते हैं और उसे असहज करने वाली हरकतें करते हैं। बच्ची ने यह भी बताया कि अन्य छात्राओं के साथ भी ऐसा व्यवहार किया जाता है। UP News
बेटी की बात सुनने के बाद पिता ने कोचिंग में पढ़ने वाली अन्य छात्राओं के अभिभावकों से बातचीत की। जब परिवारों ने अपनी बेटियों से जानकारी ली तो कुछ अन्य बच्चियों ने भी प्रिंसिपल के व्यवहार को लेकर शिकायत की। इसके बाद कई अभिभावक एकजुट होकर स्कूल पहुंचे और आरोपी प्रिंसिपल से मामले को लेकर सवाल किए। आरोप है कि इस दौरान प्रिंसिपल ने अभिभावकों के साथ बहस की और कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उनके साथ जातिसूचक टिप्पणी भी की गई। इसके बाद अभिभावकों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी और शिकायत दर्ज कराई। UP News
पनकी एसीपी अमित चौरसिया ने बताया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अन्य छात्राओं और उनके परिवारों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। अभिभावकों का आरोप है कि आरोपी प्रिंसिपल लंबे समय से छात्राओं को निशाना बना रहा था। उनका कहना है कि बच्चों की कम उम्र और डर का फायदा उठाकर वह उन्हें चुप रहने के लिए मजबूर करता था। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की पूरी सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल पुलिस शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। UP News
पीड़ित छात्रा के पिता ने पुलिस को बताया कि आरोपी प्रिंसिपल किराए के मकान में प्री-स्कूल संचालित करता था। उनका आरोप है कि इससे पहले भी वह स्कूल का पता दो बार बदल चुका है। पुलिस अब स्कूल के पुराने स्थानों और वहां से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच करने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी और जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। UP News
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