सावन माह की शुरुआत के साथ ही देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा 2026 का आगाज हो गया है। लाखों शिवभक्त उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों मेंगंगाजल लेने के लिए हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य पवित्र स्थलों की ओर रवाना हो रहे हैं।

UP News : सावन माह की शुरुआत के साथ ही देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा 2026 का आगाज हो गया है। लाखों शिवभक्त उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों मेंगंगाजल लेने के लिए हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य पवित्र स्थलों की ओर रवाना हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस ने 29 जुलाई से 11 अगस्त तक व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है। इस दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से आने-जाने वाले भारी वाहन, रोडवेज बसें, निजी बसें, चारधाम यात्रा के वाहन और पैदल कांवड़ियों के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में यदि आप इन राज्यों में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो घर से निकलने से पहले नया ट्रैफिक प्लान जान लेना बेहद जरूरी है। UP News
कांवड़ यात्रा हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। सावन के दौरान शिवभक्त केसरिया वस्त्र धारण कर हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य तीर्थ स्थलों से गंगाजल लेकर अपने-अपने शहरों और गांवों के शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। इस वर्ष यात्रा का समापन 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि के अवसर पर होगा। इसी अवधि को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। UP News
हरिद्वार पुलिस ने कांवड़ वाहनों की आवाजाही के लिए विस्तृत रूट प्लान जारी किया है। सहारनपुर, यमुनानगर, दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर की ओर से आने वाले वाहनों को मंडावर, सालियर चौक, अब्दुल कलाम चौक, नगला ईमरती, लक्सर और एसएम तिराहा होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग तक पहुंचाया जाएगा। यदि यातायात का दबाव बढ़ता है तो वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने। UP News
मुरादाबाद, बिजनौर और नजीबाबाद की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को चिड़ियापुर, गैंडीखाता और 4.2 डायवर्जन के रास्ते गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग भेजा जाएगा। वहीं देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहनों को नेपाली तिराहा, सप्तऋषि तिराहा और दूधाधारी फ्लाईओवर से चमगादड़ टापू तथा लालजीवाला पार्किंग तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कांवड़ वाहनों के लिए बंद रहेगा। UP News
पैदल यात्रा करने वाले शिवभक्तों के लिए भी अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और हरियाणा की ओर जाने वाले श्रद्धालु हरकी पैड़ी से रोडीबेलवाला, केशव आश्रम, ओम पुल, शंकराचार्य चौक और सिंहद्वार होते हुए आगे बढ़ेंगे। जबकि मुरादाबाद और नजीबाबाद की ओर जाने वाले कांवड़िए हरकी पैड़ी, सीसीआर चौक, चंडी चौक और नहर पटरी मार्ग से अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। UP News
कांवड़ यात्रा के दौरान रोडवेज और निजी बसों के संचालन में भी बदलाव किया गया है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मेरठ और मुजफ्फरनगर से आने वाली बसों को ऋषिकुल मैदान और बैरागी कैंप पार्किंग में रोका जाएगा। वहीं नजीबाबाद रूट की बसों को नीलधारा और गौरीशंकर पार्किंग भेजा जाएगा। देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार से बिजनौर, मुरादाबाद और नैनीताल जाने वाली बसें अपने निर्धारित मार्ग पर संचालित होती रहेंगी। UP News
यात्रा के दौरान भारी वाहनों के लिए भी विशेष व्यवस्था लागू की गई है। 29 जुलाई से 4 अगस्त तक रात 12 बजे से सुबह 4 बजे के बीच सीमित संचालन की अनुमति रहेगी, जबकि 5 अगस्त से 11 अगस्त तक भारी मालवाहक वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। दिल्ली और मेरठ की ओर से आने वाले भारी वाहनों को मंडावर में रोका जाएगा, जबकि मुरादाबाद, बिजनौर और नजीबाबाद की दिशा के वाहनों को चिड़ियापुर और कांगड़ी पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए अलग मार्ग निर्धारित किए हैं। केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले वाहन मेरठ, गढ़मुक्तेश्वर, नजीबाबाद, कोटद्वार, पौड़ी और श्रीनगर मार्ग से संचालित होंगे। वहीं गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले वाहनों के लिए भी यही रूट लागू रहेगा, जिससे कांवड़ यात्रा और चारधाम यात्रा दोनों का संचालन सुचारु रूप से हो सके। UP News
मुजफ्फरनगर पुलिस ने भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए 29 जुलाई की मध्यरात्रि से 12 अगस्त तक एनएच-58 पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। 29 जुलाई से 4 अगस्त तक हाईवे की एक लेन केवल कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि दूसरी लेन से हल्के वाहन चलेंगे। 5 अगस्त से 11 अगस्त तक एनएच-58 की दोनों लेन पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेंगी। सहारनपुर, हरिद्वार और अन्य जिलों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। UP News
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