काशी से 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ हुआ। CM योगी ने आंगनबाड़ी केंद्रों में हुए बदलाव, 70 हजार से अधिक केंद्रों के कायाकल्प और कार्यकर्ताओं के मानदेय बढ़ाने की जानकारी दी।

UP News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से बुधवार को 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ हुआ। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने अभियान का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी व्यवस्था में किए गए बदलावों और प्रदेश में पोषण अभियान की प्रगति को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। कार्यक्रम के दौरान राधा-कृष्ण की वेशभूषा में पहुंचे बच्चों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को गोद में उठाकर दुलार किया और उन्हें खीर खिलाई। उन्होंने बच्चों को खिलौने भी भेंट किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने नवजात बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया।
राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण किया। दोनों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से उनके कामकाज और पोषण से जुड़े प्रयासों की जानकारी ली। इस दौरान स्वयं सहायता समूहों से जुड़े उत्पादों के बारे में भी जानकारी हासिल की गई। कार्यक्रम में पोषण, महिला एवं बाल विकास और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रमुखता से सामने रखा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुपोषित उत्तर प्रदेश का संकल्प राष्ट्रीय पोषण माह के माध्यम से और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान गर्भवती महिलाओं, बच्चों, किशोर-किशोरियों और उनके परिवारों के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल को समर्पित है।
मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा विश्वनाथ और मां अन्नपूर्णा की नगरी काशी से राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि काशी से अभियान की शुरुआत होने के कारण इसके सफल होने का विश्वास और मजबूत होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समाज में कोई गरीब न हो, कोई भूखा न हो और सभी लोग स्वस्थ हों, वही रामराज्य की अवधारणा है। उन्होंने पोषण को स्वस्थ समाज और मजबूत भविष्य की बुनियाद बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो होती थीं, लेकिन गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोर-किशोरियों के पोषण को लेकर इस तरह के व्यापक अभियान नहीं चलाए गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं। पोषण अभियान भी इसी व्यापक विजन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य देश और प्रदेश के बच्चों, महिलाओं और परिवारों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर और अव्यवस्थित स्थिति में थे। भाजपा सरकार ने इन केंद्रों को बेहतर सुविधाओं से लैस करते हुए मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया है। उन्होंने कहा कि अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के बैठने और खेलने की व्यवस्था के साथ शुद्ध पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बच्चों के लिए गर्म भोजन और पाठ्य सामग्री की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले नौ वर्षों के दौरान प्रदेश में 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को नया स्वरूप दिया है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराकर व्यवस्था को डिजिटल तकनीक से जोड़ा गया है। इससे योजनाओं की निगरानी और लाभार्थियों तक सुविधाओं की पहुंच को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया है, जबकि पहले यह करीब 3 हजार रुपये था। राष्ट्रीय पोषण माह के माध्यम से सरकार का फोकस बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोर-किशोरियों के पोषण स्तर में सुधार के साथ स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज के निर्माण पर है।
विज्ञापन