गजब संयोग! जिस दिन बदली थी पार्टी, उसी दिन बिगड़ी घर की कहानी

खास संयोग यह है कि 19 जनवरी वही तारीख है, जिस दिन अपर्णा यादव ने उत्तर प्रदेश की सियासत में अपनी नई दिशा तय की थी और अब चार साल बाद उसी दिन उनके वैवाहिक रिश्तों में उठे तूफान की खबर सामने आकर प्रदेशभर में चर्चाओं का विषय बन गई है।

यादव परिवार से जुड़ी खबर ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
यादव परिवार से जुड़ी खबर ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar19 Jan 2026 02:26 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे असरदार नामों में शामिल यादव परिवार से जुड़ी एक निजी खबर ने लखनऊ के सियासी गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी। उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे असरदार नामों में से एक मुलायम सिंह यादव परिवार से संबंध रखने वाली अपर्णा यादव एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैंलेकिन इस बार वजह कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि उनके निजी जीवन से जुड़ा बड़ा घटनाक्रम है। खास संयोग यह है कि 19 जनवरी वही तारीख है, जिस दिन अपर्णा यादव ने उत्तर प्रदेश की सियासत में अपनी नई दिशा तय की थी और अब चार साल बाद उसी दिन उनके वैवाहिक रिश्तों में उठे तूफान की खबर सामने आकर प्रदेशभर में चर्चाओं का विषय बन गई है।

चुनाव से ठीक पहले बदला था राजनीतिक रास्ता

19 जनवरी 2022 को, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी से नाता तोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में हुआ यह कदम उस वक्त उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े सियासी संदेश के तौर पर देखा गया, क्योंकि अपर्णा का रिश्ता सीधे सैफई परिवार से जुड़ा रहा है। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी ने इस घटनाक्रम की अहमियत और बढ़ा दी थी। यही वजह रही कि सैफई परिवार की छोटी बहू का पाला बदलना सिर्फ उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी लंबे समय तक सुर्खियों में रहा।

पति प्रतीक यादव के पोस्ट से मची हलचल

19 जनवरी 2026 को एक बार फिर उत्तर प्रदेश के सियासी माहौल में हलचल तब तेज हो गई, जब अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के नाम से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई। पोस्ट में उन्होंने अपर्णा यादव पर निजी स्तर के गंभीर आरोप लगाते हुए जल्द तलाक लेने की बात कही। साथ ही अपर्णा के लिए “स्वार्थी” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद लखनऊ से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। नोट: यह पूरा मामला फिलहाल सोशल मीडिया पोस्ट/दावों पर आधारित है। परिवार या संबंधित पक्ष की तरफ से आधिकारिक बयान/कानूनी प्रक्रिया की पुष्टि सामने आने पर ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।

उत्तर प्रदेश में संयोग पर बहस

यूपी के राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर लोग इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग अंदाज में चर्चा कर रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जिस तारीख को अपर्णा यादव ने अपने राजनीतिक करियर की नई दिशा तय की थी, उसी तारीख पर उनके वैवाहिक रिश्ते को लेकर इतना बड़ा सार्वजनिक विवाद सामने आना क्या महज़ संयोग है या इसके पीछे कोई सोची-समझी टाइमिंग? अपर्णा यादव फिलहाल उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के तौर पर सक्रिय हैं। ऐसे में यह विवाद केवल निजी दायरे तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि यूपी की सियासत में भी इसकी गूंज सुनाई देने लगी है।

सैफई परिवार में पसरा है सन्नाटा

एक ओर उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा के भीतर अपर्णा यादव की बढ़ती सक्रियता, और दूसरी ओर पति प्रतीक यादव की तीखी पोस्ट इन दोनों ने मिलकर इस घटनाक्रम को लखनऊ से दिल्ली तक सियासी चर्चा का बड़ा मुद्दा बना दिया है। फिलहाल यादव परिवार या अपर्णा यादव की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है। UP News

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सम लैंगिक संबंध में रोड़ा बने पति की करवा दी हत्या

शुरुआत में पुलिस के सामने यह एक अंधा हत्याकांड था, लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। पुलिस को पता चला कि इस हत्या की साजिश खुद मृतक की पत्नी रेनू ने रची थी। रेनू का एक अन्य महिला मालती देवी उर्फ बुद्धी के साथ बीते डेढ़ साल से गहरा संबंध था।

sam langik
सम लैंगिक संबंध के लिए हत्या कराने वाली महिला पुलिस गिरफ्त में
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar19 Jan 2026 02:25 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सामने आया यह हत्याकांड रिश्तों, विश्वास और कानून तीनों को झकझोर देने वाला है। पति की मौजूदगी को अपनी राह का रोड़ा मान चुकी एक महिला ने अपनी महिला साथी के साथ मिलकर ऐसी साजिश रची, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। असोथर थाना क्षेत्र में 14 जनवरी की सुबह खेत में एक किसान का खून से सना शव मिलने से हड़कंप मच गया था। मृतक की पहचान 45 वर्षीय रामसुमेर के रूप में हुई, जो खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। शरीर पर गहरे चोट के निशान और गला रेतने के घाव साफ तौर पर हत्या की ओर इशारा कर रहे थे।

हत्या की साजिश खुद मृतक की पत्नी रेनू ने रची थी

शुरुआत में पुलिस के सामने यह एक अंधा हत्याकांड था, लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। पुलिस को पता चला कि इस हत्या की साजिश खुद मृतक की पत्नी रेनू ने रची थी। रेनू का एक अन्य महिला मालती देवी उर्फ बुद्धी के साथ बीते डेढ़ साल से गहरा संबंध था। दोनों के बीच भावनात्मक और निजी रिश्ता बन चुका था और वे एक-दूसरे के साथ जीवन बिताना चाहती थीं।

पति ने इस रिश्ते की भनक लगी तो उसने इसका खुलकर विरोध किया

रामसुमेर को जब इस रिश्ते की भनक लगी तो उसने इसका खुलकर विरोध किया। वह अक्सर मालती के घर आने-जाने पर नाराजगी जताता था। एक दिन विवाद इतना बढ़ गया कि उसने मालती को डांटकर घर से भगा दिया। इसके बाद दोनों महिलाओं ने फोन के जरिए संपर्क बनाए रखा और पति को रास्ते से हटाने का खतरनाक फैसला ले लिया।

मालती ने रामसुमेर की हत्या के बदले 60 हजार रुपये देने का वादा किया

हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए मालती देवी ने अपने परिचित ई-रिक्शा चालक जितेंद्र गुप्ता से संपर्क किया। दोनों के बीच पहले से जान-पहचान थी और लेन-देन भी होता रहता था। मालती ने जितेंद्र को रामसुमेर की हत्या के बदले 60 हजार रुपये देने का प्रस्ताव दिया। सौदे के तहत आठ हजार रुपये एडवांस दिए गए और साथ ही एक प्लॉट दिलाने का लालच भी दिया गया। 13 जनवरी की रात जब रामसुमेर रोज की तरह खेत की ओर जा रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसे रोक लिया। रस्सी से गला दबाकर उसे बेहोश किया गया और फिर चाकू से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए और शव खेत में ही छोड़ दिया गया।

मुख्य आरोपी जितेंद्र गुप्ता और उसका साथी अभी भी फरार

पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए रेनू, मालती देवी और राजू सोनकर को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में तीनों ने हत्या की साजिश और उसकी पूरी योजना कबूल की। वहीं मुख्य आरोपी जितेंद्र गुप्ता और उसका साथी रामप्रकाश अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लाल रंग की रस्सी, खून से सने कपड़े और दो कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हालांकि मृतक का मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू अभी तक नहीं मिल सका है।

हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी और इसमें आर्थिक लालच के साथ-साथ निजी संबंधों की भूमिका अहम रही। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। यह घटना समाज के उस अंधेरे पहलू को उजागर करती है, जहां अवैध और जटिल रिश्ते इंसान को अपराध की ऐसी हद तक ले जाते हैं, जिससे न केवल एक परिवार उजड़ जाता है, बल्कि कई जिंदगियां हमेशा के लिए प्रभावित हो जाती हैं।

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मुलायम परिवार में बड़ी हलचल, अपर्णा यादव से तलाक लेंगे प्रतीक यादव

वहीं, इस पूरे प्रकरण पर भाजपा नेता अपर्णा यादव की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे मामले को लेकर असमंजस और चर्चा दोनों बढ़ गई हैं।

अपर्णा यादव-प्रतीक यादव
अपर्णा यादव-प्रतीक यादव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar19 Jan 2026 01:36 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली माने जाने वाले यादव परिवार से जुड़ी एक निजी खबर ने सोमवार को नई हलचल पैदा कर दीभाजपा नेता अपर्णा यादव और उनके पति प्रतीक यादव के वैवाहिक रिश्ते को लेकर तलाक की अटकलें तेज हो गई हैं। इसकी वजह प्रतीक यादव का सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने अलगाव की ओर बढ़ने का संकेत देते हुए अपर्णा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर फिलहाल अपर्णा यादव की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी चर्चा

सोमवार सुबह प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डालकर उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी। पोस्ट में उन्होंने अपर्णा यादव से जल्द अलग होने यानी तलाक की प्रक्रिया शुरू करनेका संकेत दिया और अपनी बात बेहद तीखे शब्दों में रखी। प्रतीक यादव का कहना है कि वह इस समय मानसिक रूप से कठिन दौर से गुजर रहे हैं और उनके पारिवारिक रिश्तों पर गहरा असर पड़ा है। हालांकि, यह पूरा मामला फिलहाल सोशल मीडिया पर किए गए दावों तक सीमित है,इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या आधिकारिक दस्तावेजी पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

आरोपों में क्या कहा गया?

उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में चल रही चर्चाओं के बीच मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव पर पारिवारिक मर्यादाओं को नजरअंदाज करने और परिवार की एकजुटता को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन्हीं आरोपों को आधार बनाते हुए उन्होंने रिश्ते को कानूनी मोड़ देने यानी तलाक की प्रक्रिया की ओर बढ़ने का संकेत दिया है। वहीं, इस पूरे प्रकरण पर भाजपा नेता अपर्णा यादव की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे मामले को लेकर असमंजस और चर्चा दोनों बढ़ गई हैं।

राजनीति और वैचारिक दूरी भी बनी वजह?

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि मामला सिर्फ घरेलू मतभेद तक सीमित नहीं हो सकता। यादव परिवार की पहचान लंबे समय से समाजवादी राजनीति से जुड़ी रही है, जबकि अपर्णा यादव ने लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी से दूरी बनाकर भाजपा का दामन थाम लिया था। जानकारों का मानना है कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेद भी रिश्तों में तनाव की एक वजह बन सकते हैं हालांकि इसे लेकर कोई ठोस पुष्टि अभी नहीं है। अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की शादी 2011 में हुई थी। कहा जाता है कि दोनों करीब 10 साल तक रिलेशनशिप में रहे, फिर विवाहबंधन में बंधे। प्रतीक यादव को राजनीति से दूर रहने वाला व्यवसायी बताया जाता है। इतने लंबे रिश्ते के बाद तलाक की खबरों ने समर्थकों और यूपी की सियासत पर नजर रखने वालों को चौंका दिया है।

कानूनी पुष्टि का इंतजार

फिलहाल उत्तर प्रदेश की राजनीति में अहम माने जाने वाले यादव परिवार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई भी बड़ा चेहरा सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। न कैमरे पर कोई प्रतिक्रिया दी गई है, न ही तलाक की अर्जी कोर्ट में दाखिल होने को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है। ऐसे में यह मामला फिलहाल सोशल मीडिया पोस्ट, मीडिया रिपोर्टों और चर्चाओं के दायरे में ही है कानूनी या दस्तावेजी तस्वीर साफ होने का इंतजार अभी बाकी है। UP News

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