Khatauli By-election : खतौली उपचुनाव में निकला साल-2013 के कवाल दंगे का जिन्न
भारत
चेतना मंच
11 Nov 2022 11:36 PM
Muzaffarnagar : मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के खतौली विधानसभा सीट पर प्रस्तावित उपचुनाव का अखाड़ा तैयार हो गया है। इसमें दो-दो हाथ करने के लिए साल 2013 में हुए कवाल कांड का ‘जिन्न’ बाहर आ गया है। इस सीट पर कब्जे के लिए भाजपा और विरोधी दल सियासी बिसात पर मोहरें बिछाने में लगे हैं। इस सीट पर राष्ट्रीय लोक दल गठबंधन के अलावा भी कई निर्दलीय भी निगाह गड़ाए बैठे हैं। चर्चा है कि इस बार इस सीट पर भाजपा को अपनों की ही नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।
दरअसल, मुजफ्फरनगर के कवाल में 2013 में हुए बवाल में मारे गए फुफेरे ममेरे भाइयों सचिन और गौरव का नाम हर चुनाव में लिया जाता है। कवाल कांड में मारे गए सचिन और गौरव के नाम पर ही प्रत्येक चुनाव में भाजपा चुनाव जीतती आ रही है, मगर इस बार गौरव की मां सुरेश देवी भाजपा से काफी नाराज दिख रही हैं। अब उन्होंने शुक्रवार यानि आज उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र खरीदकर अपनी मंशा जाहिर कर दी है। उन्होंने कहा कि वह पूरे दम से खतौली विधानसभा उपचुनाव के मैदान में कूदने को तैयार हैं।
Khatauli By-election :
मृतक गौरव के पिता रविंद्र कुमार का आरोप है कि भाजपा 2013 में हुए दंगों के बाद से ही सचिन और गौरव के नाम को भुना रही है, मगर उनके नाम पर आज तक कहीं एक ईंट तक नहीं लगाई गई है। इस बार वे बीजेपी को सचिन और गौरव के नाम को नहीं भुनाने देंगे और दमदारी के साथ भाजपा को चुनौती देने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि वह भाजपा की सच्चाई सबके सामने लाकर रहेंगे।
उन्होंने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया कि वे दूसरे नेताओं की कोली भरते फिर रहे हैं, लेकिन हमारी ही क्या दुश्मनी है। झगड़े तो पता नहीं कितने हो चुके हैं। जब वे भूल सकते हैं तो हम भी भूलकर आपस में भाईचारा बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जो दंगे हुए हैं, उनका सभी को पता है कि वह किसने कराए हैं। विक्रम सैनी को हीरो बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सबको पता है कि विक्रम ने क्या किया था कवाल में। दो दिन बाद दंगा कराकर इन लोगों ने निर्दोष जनता मरवा दी।
Khatauli By-election :
दंगे में मारे गए गौरव के पिता रविंद्र कुमार ने बताया कि हमने उस समय भी मीडिया में बताया था कि निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं। उनका कोई दोष नहीं था। जो यह नेता है यह तो सब एक हो गए और जनता खामखा मर गई। उन्होंने कहा कि आजम खान को गाली दे देकर यह लोग नेता बन गए। अमीर आलम जो दंगे का मुख्य दोषी था, उसकी कोली भरते फिरते हैं, मेरे पास सब फोटो है। अब चुनाव आया तो फिर दंगे का जिक्र शुरू कर दिया। उन्होंने भाजपा का नाम लिए बिना कहा कि मैं नेताओं और पार्टी को कहना चाहता हूं कि आज तक इन्होंने मलिकपुरा में एक ईंट भी नहीं लगाई। ये हर वर्ष यहां आते हैं और फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं। प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष भी वादे करते थे, तो अब क्यों भूल गए। उन्होंने कहा कि इन्होंने दंगा भुना लिया। इन्हें अब हमारी जरूरत नहीं रही। अबकी बार हम इन्हें दंगा नहीं भुनाने देंगे।