मुजफ्फरनगर के GIC मैदान में भारतीय किसान यूनियन तोमर की महापंचायत में किसानों ने गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने, कर्जमाफी, MSP गारंटी कानून, 10 हजार रुपये पेंशन, AIIMS, मेरठ में हाईकोर्ट बेंच और बिजली-सिंचाई से जुड़ी समस्याओं समेत 33 मांगें उठाईं।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत में सरकार और प्रशासन के सामने मांगों का लंबा एजेंडा रखा गया। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) की ओर से जीआईसी मैदान में आयोजित महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और बसों से पहुंचे। पंचायत में महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। किसानों ने गन्ने के दाम, कर्जमाफी, एमएसपी, बिजली, सिंचाई और खाद की समस्या से लेकर मुजफ्फरनगर में एम्स और मेरठ में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने तक कुल 33 मांगें उठाईं।
महापंचायत में किसानों ने गन्ने का भाव बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग रखी। इसके साथ ही किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने और एमएसपी पर गारंटी कानून लागू करने की मांग भी उठाई गई। किसानों ने 60 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले किसानों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देने तथा किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए किसान आयोग गठित करने की मांग की। गन्ने का भुगतान समय पर कराने और भुगतान में देरी होने पर किसानों को ब्याज दिलाने की मांग भी पंचायत में प्रमुखता से रखी गई। किसानों का कहना था कि गन्ने का भुगतान समय से होना जरूरी है, क्योंकि खेती की अगली फसल और घरेलू जरूरतों का खर्च इसी पर निर्भर करता है। बकाया भुगतान में देरी होने पर ब्याज दिए जाने की मांग भी इसी मुद्दे से जुड़ी रही। महापंचायत में किसानों ने फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी और किसानों को कर्ज के बोझ से राहत देने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया।
महापंचायत में किसानों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़े बड़े मुद्दों को भी उठाया। मुजफ्फरनगर में एम्स की स्थापना और मेरठ में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने की मांग रखी गई।
इसके अलावा किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को समाप्त करने की मांग भी की गई। पंचायत में रोहन राठी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी उठी। किसान नेताओं ने आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग रखी। उनका कहना था कि आंदोलन से जुड़े मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। महापंचायत में रोहन राठी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को भी किसानों ने प्रमुखता से उठाया।
किसानों ने नहरों और रजवाहों की सफाई कराने तथा टेल तक पानी पहुंचाने की मांग की। नलकूपों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने, घरेलू बिजली पर 50 प्रतिशत छूट और स्मार्ट मीटर पर रोक लगाने की मांग भी महापंचायत में रखी गई। बिजली बिलों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाने की मांग की गई, ताकि किसानों को बार-बार विभागीय कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। किसानों ने कहा कि सिंचाई व्यवस्था मजबूत किए बिना खेती की लागत और उत्पादन से जुड़ी समस्याओं का समाधान मुश्किल है। इसलिए नहरों और रजवाहों की नियमित सफाई कर अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की मांग उठाई गई। महापंचायत में स्मार्ट मीटर पर रोक और बिजली बिलों की समस्याओं का समाधान करने की मांग भी किसानों के प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। UP News :
महापंचायत में खाद और डीएपी की कथित कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई। किसानों ने तहसील और बिजली विभाग में किसानों के कथित उत्पीड़न को रोकने की मांग की। इसके अलावा ट्रैक्टरों की उम्र सीमा से जुड़े नियमों में राहत देने की मांग भी किसानों की ओर से रखी गई। महापंचायत में किसानों ने कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर प्रशासन के सामने अपनी मांगों को मजबूती से रखा। UP News :
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