प्रतापगढ़ में किसान सम्मान निधि योजना में कथित फर्जी पंजीकरण के मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने संविदा ऑपरेटर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। लैपटॉप, मोबाइल और बायोमेट्रिक स्कैनर बरामद। पढ़े पूरी खबर।

UP News:प्रतापगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत कथित फर्जी पंजीकरण कर सरकारी धनराशि हासिल करने के मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कुण्डा तहसील में तैनात एक संविदा ऑपरेटर भी शामिल है। पुलिस को मामले में बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की आशंका है, हालांकि अब तक कथित घोटाले की कुल धनराशि का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। UP News
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर सरकारी पोर्टल की लॉगिन आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर अपात्र लोगों का पंजीकरण करने का आरोप है। बताया गया है कि बिना वैध भूमि रिकॉर्ड के किसान सम्मान निधि योजना में फर्जी प्रविष्टियां की जाती थीं। इस प्रक्रिया के जरिए कथित तौर पर अवैध वसूली और धोखाधड़ी को अंजाम दिया जाता था। UP News
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पुलिस ने इस मामले में शिवकुमार यादव निवासी संग्रामगढ़, अनुराग गुप्ता निवासी कुण्डा और जितेन्द्र कुमार निवासी कुण्डा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अनुराग गुप्ता कुण्डा तहसील में संविदा वीआरसी ऑपरेटर के पद पर तैनात था। उस पर सरकारी पोर्टल की आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करने तथा गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप है। वहीं, शिवकुमार यादव पर सीएससी संचालक के रूप में फर्जी प्रविष्टियां करने और जितेन्द्र कुमार पर कथित अवैध लेन-देन में सहयोग करने का आरोप लगाया गया है। UP News
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन, सात सक्रिय सिम कार्ड और एक बायोमेट्रिक फिंगर स्कैनर बरामद किया है। बरामद मोबाइल फोन में आईफोन 16 प्रो और सैमसंग एस25 भी शामिल हैं। पुलिस को यूपीआई लेन-देन के स्क्रीनशॉट, व्हाट्सऐप ग्रुप और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। इनकी मदद से कथित फर्जीवाड़े के तरीके और नेटवर्क की जांच की जा रही है। UP News
इस मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा अपराध संख्या 30/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66सी व 66डी में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जीवाड़े में कितने लाभार्थी शामिल थे, सरकारी धनराशि का कितना दुरुपयोग हुआ और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है। UP News
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