लखनऊ। देश के प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास कल (23 नवंबर 2021) समाजवादी पार्टी में शामिल होते-होते रह गए।
ज्ञात रहे कि 23 नवंबर को लखनऊ में सांसद व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो0 रामगोपाल यादव के सम्मान में एक समारोह का आयोजन हो रहा था। इस आयोजन में उनके व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर लिखी गयी पुस्तक: राजनीति के उस पार: का विमोचन भी हुआ। इस समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार कुमार विश्वास थे। इस समारोह में विभिन्न दलों के अनेक नेताओं के साथ ही साथ बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। समारोह के मंच पर सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव, सपा अध्यक्ष एवं उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, जाने-माने कवि, राजनेता व मुलायम सिंह यादव तथा प्रो0 रामगोपाल यादव के गुरू उदय प्रताप सिंह भी मौजूद थे।
समारोह में कुमार विश्वास ने लम्बा संबोधन दिया। इस बीच उन्होंने बार-बार यह भी कहा कि आजकल वे कहीं नहीं (यानि किसी भी पार्टी में नहीं) हैं। उनके बोलने के बाद कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के अनुरोध पर उदयप्रताप सिंह से कविता पाठ करने का आग्रह किया गया। माईक पकड़ते ही उदय प्रताप सिंह ने कहा कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) मेरे कान में बोल रहे हैं (दोनों बगल में बैठे थे) कि यदि कुमार विश्वास किसी पार्टी में नहीं हैं तो उन्हें आज ही समाजवादी पार्टी में शामिल कर लो। यह सुनते ही मंच पर ठहाके लगने लगे और श्रोताओं का शोर गूंजा कि हां-हां। आज ही शामिल कर लो। कुछ लोगों ने कुमार विश्वास जिंदाबाद के नारे भी बुलंद कर दिए। थोड़ी देर में बात आई-गई हो गयी। इस प्रकार कवि कुमार विश्वास समाजवादी पार्टी में शामिल होते-होते रह गए।
सब जानते हैं कि अन्ना आंदोलन से प्रसिद्ध हुए कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य थे। उन्होंने अमेठी से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा है। हो सकता है कि वे किसी दिन समाजवादी पार्टी में शामिल हों जाए।