श्रम विभाग के अनुसार जिले में अब तक 15 से अधिक स्थानों पर पारंपरिक लेबर चौक लगते थे, जहां नियोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार श्रमिकों को काम पर ले जाते थे।

अमेठी जिले में निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों और नियोक्ताओं की सुविधा के लिए श्रम विभाग ने 'डिजिटल लेबर चौक' की शुरुआत की है। इस नई व्यवस्था के तहत अब लोगों को मजदूरों की तलाश में लेबर मंडी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजमिस्त्री, बढ़ई, प्लंबर, पेंटर और इलेक्ट्रिशियन जैसे कुशल श्रमिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आसानी से उपलब्ध होंगे।
श्रम विभाग के अनुसार जिले में अब तक 15 से अधिक स्थानों पर पारंपरिक लेबर चौक लगते थे, जहां नियोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार श्रमिकों को काम पर ले जाते थे। अब इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया गया है, जिससे नियोक्ता घर बैठे ही अपनी आवश्यकता के अनुसार श्रमिकों की जानकारी प्राप्त कर सीधे उनसे संपर्क कर सकेंगे।
इस योजना के तहत श्रमिक मात्र 20 रुपये वार्षिक शुल्क देकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के बाद उन्हें रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे और उनकी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी, जिससे काम मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
सहायक श्रमायुक्त छत्रसाल बरनवाल ने बताया कि डिजिटल लेबर चौक शुरू होने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। इससे श्रमिकों का शोषण रुकेगा, उन्हें उनकी मेहनत का उचित पारिश्रमिक मिलेगा और नियोक्ताओं का समय व खर्च दोनों की बचत होगी।
विभाग का मानना है कि इस पहल से निर्माण क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी, श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा और निर्माण कार्य भी तेजी से पूरे हो सकेंगे। फिलहाल श्रम विभाग जिलेभर में पंजीकरण अभियान चला रहा है. इच्छुक श्रमिक नजदीकी श्रम कार्यालय अथवा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
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