रायबरेली के लालगंज में 21 सितंबर को जमीनी विवाद में हुए खूनी संघर्ष में घायल राजेंद्र यादव की एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मुकदमा हत्या में बदला।

UP News : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के खानपुर खपुरा मजरे मटेहना गांव में 21 सितंबर को हुए जमीनी विवाद के खूनी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल राजेंद्र यादव (35) की एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार देर रात करीब 2 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले में दर्ज मारपीट के मुकदमे को हत्या की धाराओं में तरमीम कर दिया है। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमे को हत्या की धाराओं में बदल दिया गया है और नामजद आरोपियों की तलाश तेजी से की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस ने मंगलवार सुबह पासी समाज के दो लोगों को हिरासत में लिया है। एहतियात के तौर पर गांव में 21 सितंबर से ही पुलिस बल तैनात है।
खानपुर खपुरा गांव में पुश्तैनी जमीन को लेकर यादव और पासी समाज के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। 21 सितंबर को लेखपाल ऋषिकांत द्वारा मौके पर नाप-जोख की गई थी, जिसके बाद पासी पक्ष जेसीबी से विवादित जमीन से पेड़ हटाने लगा।इसी दौरान यादव पक्ष ने पेड़ों पर अपना हक जताते हुए विरोध किया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच कुल्हाड़ी, बांका और फरसा से खूनी संघर्ष शुरू हो गया। इस खूनी झड़प में दोनों पक्षों के करीब डेढ़ दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।जहां पासी पक्ष के हरिप्रसाद की तहरीर पर 11 लोगों के खिलाफ बलवा, एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था तो वहीं यादव पक्ष के रामचरन की तहरीर पर 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया था। UP News :
घायलों का इलाज जिला अस्पताल और एम्स में चल रहा था। राजेंद्र यादव की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी गुड्डी, मां रामकिशोरी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और तनाव को देखते हुए पासी समाज के कई लोग घर छोड़कर फरार हो गए हैं। प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है। UP News :
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