घटना का खुलासा तब हुआ जब उस जमीन पर अवैध रूप से प्लॉटिंग व निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। यह देखकर स्थानीय प्रशासन की नींद खुली। उपजिलाधिकारी सदर के निर्देश पर, राजस्व निरीक्षक ने उक्त मामले में एफआईआर दर्ज कराई।

UP News : प्रयागराज (एयरपोर्ट थाना इलाके) में, अतीक अहमद के भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की वो जमीन, जिसे पहले प्रशासन ने गैंगेस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर दिया था, अब कथित रूप से एक दूसरे भूमाफिया द्वारा बेच दी गई है। घटना का खुलासा तब हुआ जब उस जमीन पर अवैध रूप से प्लॉटिंग व निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। यह देखकर स्थानीय प्रशासन की नींद खुली। उपजिलाधिकारी सदर के निर्देश पर, राजस्व निरीक्षक ने उक्त मामले में एफआईआर दर्ज कराई। आरोपी के तौर पर नाम आया है एक व्यक्ति का जो माफिया बताया गया है।
यह जमीन पहले इसलिए कुर्क की गई थी क्योंकि अशरफ (खालिद अजीम) और उनके करीबी लोगों पर विभिन्न आरोपों के तहत मुकदमे थे, और पुलिस प्रशासन की जांच में यह पाया गया कि उनकी कई संपत्तियाँ गैरकानूनी तरीके से बेनाम या संदिग्ध स्रोत से खरीदी गई थीं। उस समय उन संपत्तियों को राज्य को आबंटित किया गया, लेकिन जैसा कि यह नया मामला दिखाता है कुर्की का जिसके बाद भी जमीन की निगरानी एवं सुरक्षा में कमी रही।
आरोप है कि आरोपी ने पुरानी कुर्क नोटिस बोर्ड को फाड़ (उखाड़) फेंका और जमीन को कई हिस्सों में बाँट (प्लाटिंग) कर तीसरे पक्ष को बेच दी। जब उन नए प्लाट्स पर निर्माण व कब्जा शुरू हुआ, तो स्थानीय प्रशासन को पता चला और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई।
सिर्फ कुर्क करना ही पर्याप्त नहीं है, कुर्क की गई जमीनों पर पुन: कब्जा या अवैध बिक्री रोकने के लिए निरंतर निगरानी, फिजिÞकल गार्डिंग, और रिकॉर्ड चेक जैसे कड़े कदम जरूरी होते हैं। ऐसे मामलों की पारदर्शिता होनी चाहिए अगर कोई जमीन कुर्क हो चुकी है, तो उसकी स्थिति सार्वजनिक होनी चाहिए ताकि किसी भी दूसरी बिक्री/प्लॉटिंग की संभावना पहले से पता चल सके। आम जनता (खासकर वो लोग जो जमीन खरीदने-बेचने में रुचि रखते हैं) को चाहिए कि वे जमीन से जुड़े दस्तावेज, कुर्की या सरकारी नोटिस आदि की पूरी जांच करें ताकि वे धोखाधड़ी से बच सकें।