उत्तर प्रदेश में लगातार दो दिन तक लाठी चलने का यह मामला किसी लड़ाई का मामला नहीं है। दरअसल यह तो सदियों से चली आ रही लट्ठमार होली का नजारा था। लट्ठमार होली के दौरान उत्तर प्रदेश के इस खास शहर में दो दिन तक लाठियां चलती रहीं।

UP News : उत्तर प्रदेश के एक खास शहर में लगातार दो दिन तक लाठियां चलती रहीं। दो दिन तक चली लाठियों के बावजूद एक भी प्राणी घायल नहीं हुआ। यह अनोखा नजारा केवल उत्तर प्रदेश में ही देखने को मिल सकता है। उत्तर प्रदेश में लगातार दो दिन तक लाठी चलने का यह मामला किसी लड़ाई का मामला नहीं है। दरअसल यह तो सदियों से चली आ रही लट्ठमार होली का नजारा था। लट्ठमार होली के दौरान उत्तर प्रदेश के इस खास शहर में दो दिन तक लाठियां चलती रहीं।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण की नगरी के नाम से प्रसिद्ध मथुरा शहर स्थापित है। मथुरा शहर में हर साल होली के पावन पर्व पर अनेक प्रकार की होली खेली जाती है। मथुरा की लट्ठमार होली पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। दुनिया भर के लोग मथुरा की लट्ठमार होली को देखने आते हैं। इस बार बुधवार से मथुरा में लगातार लट्ठमार होली खेली जा रही है। पूरे मथुरा नगर के नागरिकों के ऊपर लट्ठमार होली जादू की तरह से चढ़ी हुई है। खासतौर से मथुरा के नंदगांव में हुरियारों का सैलाब सा उमड़ रहा है। ऐसा लगता है कि होली की मस्ती में पूरा नंदगांव सराबोर हो गया है।
मथुरा के बरसाना नगर से लट्ठमार होली शुरू होती है। इस वर्ष भी बरसाना में बुधवार को लट्ठमार होली के दौरान खूब लाठियां चलीं। बरसाना की लठामार होली के दूसरे दिन फाल्गुन सुदी दशमी को नंदभवन, रंगीली चौक और यशोदा कुंड क्षेत्र रंग, गुलाल, फाग पद और प्रेमपगी लाठियों की वर्षा से सराबोर हो उठा। बरसाना से आईं राधारानी की सखी स्वरूप हुरियारे फगुवा लेने के लिए नंदगांव पहुंचे। यहां गायन के बांद हुरियारिनों ने उन पर प्रेम पगी लाठियां बरसाईं। दोपहर से देर शाम तक चले आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की मौजूदगी में द्वापरकालीन परंपरा एक बार फिर सजीव हो उठी।
लट्ठमार होली का पूरा इतिहास भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा हुआ है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण बरसाना में होली खेलने के बाद बिना फगुवा (नेग) दिए नंदगांव लौट आए थे। इसी की स्मृति में बरसाना की गोपियां स्वरूप हुरियारे बृहस्पतिवार को नंदगांव में फगुवा लेने पहुंचे। इस दौरान नंदगांव में लठमार होली का आयोजन किया गया। यशोदा कुंड से हुरियारों का जत्था नंद के जमाई के जय उद्घोष के साथ नंदभवन की ओर रवाना हुआ। मार्ग में मिलने वाली गोपियों से हंसी ठिठोली करते हुए हुरियारे नंदभवन पहुंचे। जगह-जगह फूलों की रंगोलियां सजाई गई।
मथुरा जिले के वृंदावन में स्थापित ऐतिहासिक श्री बांकेबिहारी मंदिर में पहली बार रेलिंग के बीच श्रद्धालु होली का आनंद लेंगे। पीछे के चौक में प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य चौक तक रेलिंग लग गई है। इससे श्रद्धालु कतारबद्ध तरीके से आराध्य के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर । के बाहर चबूतरे पर रेलिंग होली के बाद लगाई जाएगी। UP News