लोनी के जावली गांव में जलभराव की समस्या से परेशान अधिवक्ता महकर कासना ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने समस्या न सुलझने पर जल समाधि की चेतावनी दी है।

UP News : गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में स्थित जावली गांव के एक निवासी अधिवक्ता ने जलभराव की गंभीर समस्या को उजागर करने के लिए मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को जमा हुए गंदे पानी में बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। यह कदम चार साल तक स्थानीय अधिकारियों और राजनीतिक प्रतिनिधियों को दी गई शिकायतों के अनसुने रहने के बाद उठाया गया है। अधिवक्ता महकर कासना ने प्रदर्शन के जरिए प्रशासनिक उपेक्षा पर रोष जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट, नगर निकाय अधिकारियों, स्थानीय चेयरमैन और मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
महकर कासना के अनुसार, नगर पालिका परिषद लोनी के अधिशासी अधिकारी ने 13 अक्टूबर 2026 को जल निकासी के समाधान के लिए निरीक्षण का आश्वासन दिया था, लेकिन उसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह गांव भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। UP News
क्षेत्र में स्वच्छता संकट के कारण दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जावली को राजपुर से जोड़ने वाली सड़कें इतनी जलमग्न हैं कि निवासियों को आवाजाही के लिए नावों का उपयोग करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर स्कूली बच्चों के परिवहन और उनकी शिक्षा पर पड़ा है। UP News
गांव वालों ने प्रशासन को पांच दिन का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे 'जल समाधि' आंदोलन शुरू करेंगे। साथ ही, आगामी चुनावों के दौरान राजनीतिक उम्मीदवारों के गांव में प्रवेश पर रोक लगाने की बात भी कही है। दूसरी ओर, गाजियाबाद नगर निगम शहर के 11 स्थानों पर जलभराव रोकने के लिए 6.86 करोड़ रुपये की परियोजना की योजना बना रहा है और 215 करोड़ रुपये की एक व्यापक ड्रेनेज पहल को मंजूरी दे चुका है। इसके बावजूद, बुनियादी ढांचे के रखरखाव की कमी के कारण जवाली के निवासी अभी भी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। UP News
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