बाराबंकी जिला न्यायालय परिसर में गेट नंबर-1 से अधिवक्ताओं के वाहनों की एंट्री बंद किए जाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार को बड़ी संख्या में वकील सामूहिक अवकाश पर रहे और सुबह करीब 10:30 बजे गेट नंबर-1 के सामने धरना प्रदर्शन किया।

UP News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के वाहनों की एंट्री बंद किए जाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। जिला न्यायालय के गेट नंबर-1 से अधिवक्ताओं के वाहनों का प्रवेश रोके जाने के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में वकील सामूहिक अवकाश पर रहे। इसके बाद सुबह करीब 10:30 बजे अधिवक्ताओं ने गेट नंबर-1 के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में सैकड़ों अधिवक्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने न्यायालय प्रशासन के आदेश के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गेट नंबर-1 से अधिवक्ताओं के वाहनों को प्रवेश देने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था से विशेष रूप से बुजुर्ग और चलने-फिरने में असमर्थ वकीलों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधिवक्ताओं के अनुसार जिला न्यायाधीश के आदेश के बाद 4 अक्टूबर से गेट नंबर-1 से उनके वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। इस गेट से फिलहाल न्यायाधीशों के वाहन, मुलजिमों को लाने-ले जाने वाले वाहन और पानी की आपूर्ति से जुड़े वाहनों को प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। बार एसोसिएशन का सवाल है कि जब कुछ श्रेणी के वाहनों को गेट से प्रवेश दिया जा रहा है तो अधिवक्ताओं के वाहनों पर पूरी तरह रोक लगाने का औचित्य स्पष्ट किया जाना चाहिए। वकीलों ने कहा कि जिला न्यायालय परिसर में रोजाना बड़ी संख्या में अधिवक्ता अपने वाहनों से पहुंचते हैं। गेट नंबर-1 से प्रवेश बंद होने के कारण उन्हें वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का कहना है कि इस व्यवस्था का सबसे अधिक असर उम्रदराज और शारीरिक रूप से असमर्थ वकीलों पर पड़ रहा है। उन्हें वाहन से उतरने के बाद लंबी दूरी तय करके न्यायालय तक पहुंचना पड़ रहा है।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन लाल द्विवेदी ने कहा कि न्यायालय प्रशासन को अधिवक्ताओं की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए। UP News:
गेट नंबर-1 के सामने हुए धरने में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन लाल द्विवेदी, महामंत्री प्रदीप श्रीवास्तव, मंत्री प्रकाशन अमित सिंह सूर्यवंशी, पुस्तकालय अध्यक्ष रूबी सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग वाहन प्रवेश की व्यवस्था को लेकर है और वे चाहते हैं कि न्यायालय प्रशासन इस निर्णय पर पुनर्विचार करे। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। अधिवक्ताओं के प्रदर्शन को देखते हुए जिला न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। चार थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर तैनात किया गया। क्षेत्राधिकारी नगर संगम कुमार भी मौके पर मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी। पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा। प्रशासन की ओर से किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए।
बार एसोसिएशन की ओर से 6 अक्टूबर को भी सामूहिक अवकाश का ऐलान किया गया है। संगठन ने अपने निर्णय को लेकर अधिवक्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
बार एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि निर्धारित तिथि पर अदालती कार्य में शामिल होने वाले अधिवक्ताओं पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं और न्यायालय प्रशासन के बीच गतिरोध और बढ़ने की संभावना बनी हुई है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि न्यायालय प्रशासन अधिवक्ताओं की मांग पर क्या कदम उठाता है और गेट नंबर-1 से वाहनों के प्रवेश को लेकर जारी विवाद का समाधान किस तरह निकलता है। UP News:
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