25 अगस्त 2025 के बाद यूआईडीएआई द्वारा लागू की गई नई नीति के अनुसार आधार कार्ड में पिता का नाम अब दर्ज नहीं किया जाता, और यदि कोई आधार अपडेट कराता है तो उसके कार्ड पर पिता का नाम दिखाई नहीं देता। यही बदलाव अब परिवहन विभाग के आनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम में अड़चन पैदा कर रहा है।

उत्तर प्रदेश में आधार कार्ड अपडेट प्रक्रिया में किए गए बड़े बदलाव के बाद लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हजारों लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। 25 अगस्त 2025 के बाद UIDAI द्वारा लागू की गई नई नीति के अनुसार आधार कार्ड में पिता का नाम अब दर्ज नहीं किया जाता, और यदि कोई आधार अपडेट कराता है तो उसके कार्ड पर पिता का नाम दिखाई नहीं देता। यही बदलाव अब परिवहन विभाग के आनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम में अड़चन पैदा कर रहा है।
पिछले 90 दिनों में 5500 से ज्यादा आवेदन इसी वजह से अटक गए। आरटीओ/एआरटीओ दफ्तरों में हर दिन दर्जनों लोग शिकायत करने पहुंच रहे हैं। ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ में रोजाना 30 से 35 शिकायतें इस संबंध में आ रही हैं। देवा रोड एआरटीओ में 20 से 25 शिकायतें रोज आ रही हैं।
UIDAI के डिप्टी डायरेक्टर प्रशांत कुमार सिंह के अनुसार पहले आधार कार्ड में पिता का नाम पता सेक्शन में दिखता था
अब यह प्रारूप बदल दिया गया है। अब आधार अपडेट कराने पर केवल पता प्रिंट होगा। पहचान साबित करने के लिए पिता का नाम अनिवार्य पहचान तत्व नहीं माना जाता है। उन्होंने साफ किया कि जिन विभागों की योजनाएँ या सेवाएँ आधार से जानकारी लेती हैं, उन्हें अपने सिस्टम नए आधार फॉर्मेट के अनुरूप अपडेट करने होंगे। यूआईडीएआई विभागों को इस बारे में लगातार सूचना भेज रहा है।
ड्राइविंग लाइसेंस का आॅनलाइन सिस्टम अभी भी उस फॉर्मेट पर चल रहा है जिसमें पिता का नाम चाहिए। इसलिए नया आधार नंबर डालते ही सिस्टम पिता का नाम खोजता है। न मिलने पर फॉर्म अधूरा मानकर आगे नहीं बढ़ता। आवेदक लॉगआउट हो जाता है या डेटा इनकन्सिस्टेंट जैसी त्रुटि दिखाई देती है। फिलहाल आरटीओ भी आवेदन को मैन्युअली पूरा नहीं कर सकता क्योंकि पूरी प्रक्रिया आॅनलाइन है। समस्या उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है, जल्द समाधान निकलेगा और सॉफ्टवेयर अपडेट होगा।
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