सुल्तानपुर में लेखपाल संघ ने लंबित मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर 22 सितंबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

UP News: उत्तर प्रदेश के जिला सुल्तानपुर में लेखपालों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने शनिवार को जयसिंहपुर तहसील पहुंचकर एसडीएम संदीप कुमार यादव को ज्ञापन सौंपा। संघ ने शासन स्तर पर लेखपाल संवर्ग की लंबित मांगों पर प्रभावी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की आधारशिला के रूप में लगातार बढ़ते कार्यभार के बीच अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। संसाधनों की कमी, पदोन्नति में देरी, वेतन विसंगति, अतिरिक्त कार्यभार और अवकाश के दिनों में ड्यूटी जैसी समस्याओं के कारण कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संघ के अनुसार राजस्व अभिलेखों को अपडेट करने, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, ई-गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी लेखपालों पर है। इसके बावजूद कई स्तरों पर संसाधनों और सुविधाओं की कमी बनी हुई है। लेखपालों को राजस्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों के साथ-साथ शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में भी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। संघ ने बढ़ते कार्यभार के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। संघ ने लेखपालों को भूलेख और अन्य सहायक पटलों से अवमुक्त किए जाने की मांग रखी है, ताकि वे अपने मूल राजस्व कार्यों पर प्रभावी ढंग से ध्यान दे सकें। ज्ञापन में ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के बैठने के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। लेखपाल संघ ने स्टेशनरी के साथ मोटरसाइकिल/वाहन भत्ते में वृद्धि किए जाने की मांग भी शासन के सामने रखी है।
ज्ञापन में लेखपालों की पदोन्नति और विभागीय परीक्षा से संबंधित कई मुद्दों को भी शामिल किया गया है। संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने की मांग की है।संघ ने अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किए जाने की मांग की है, ताकि संबंधित लेखपालों को लंबे समय से चल रही प्रक्रिया का लाभ मिल सके। लेखपाल संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जल्द जारी करने की मांग की है। ज्ञापन में चयन वर्ष 2024 के लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम और प्रमाणपत्र घोषित करने की मांग भी की गई है। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान होने से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और उनका मनोबल बढ़ेगा। UP News:
लेखपाल संघ ने वेतन से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया है। संघ की ओर से प्रारंभिक वेतनमान को 2800 ग्रेड-पे के अनुरूप किए जाने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग की गई है। संघ ने लेखपालों के प्रारंभिक वेतनमान को 2800 ग्रेड-पे के अनुरूप किए जाने की मांग रखी है। लेखपालों का कहना है कि वेतन संबंधी विसंगतियों का समाधान किया जाना जरूरी है। संघ ने शासन से इस मामले में प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन में लेखपाल पद को टेक्निकल पद घोषित किए जाने की मांग भी शामिल है। संघ ने कार्य की प्रकृति और बढ़ते दायित्वों को देखते हुए लेखपालों को पर्याप्त संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 22 सितंबर से प्रदेशव्यापी आंदोलनात्मक कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
तहसील अध्यक्ष लाल बहादुर श्रीवास्तव ने कहा कि लेखपाल लगातार बढ़ते कार्यभार के बीच अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लंबित मांगों का समाधान होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और राजस्व कार्यों के निष्पादन में भी सुविधा होगी। उन्होंने शासन से लेखपालों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपेक्षा जताई। तहसील मंत्री विपिन कुमार यादव ने कहा कि संघ की मांगें किसी वर्ग विशेष के हित तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका संबंध राजस्व कार्यों की सुचारु व्यवस्था से भी है। संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में 22 सितंबर से प्रदेशव्यापी आंदोलनात्मक कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। UP News:
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