रायबरेली में अपनी लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर लेखपालों ने शनिवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। जिले की सभी तहसीलों में लेखपालों ने काम से विरत रहकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

UP News : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समाधान की मांग को लेकर लेखपालों ने शनिवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। जिले की सभी तहसीलों में लेखपाल काम से विरत रहे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठाईं। बड़ी संख्या में लेखपालों के आंदोलन पर जाने से राजस्व विभाग से जुड़े रोजमर्रा के काम प्रभावित होने की स्थिति बन गई है। शनिवार सुबह से ही जिले की तहसीलों में लेखपाल एकत्र होने लगे। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए कहा कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। लेखपालों ने कहा कि लगातार अनदेखी के बाद उन्हें कार्य बहिष्कार का निर्णय लेना पड़ा।
रायबरेली जिले की विभिन्न तहसीलों में लेखपालों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग प्रशासन के सामने रखी। लेखपालों का कहना है कि उनकी कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। जिम्मेदार अधिकारियों से कई बार समाधान की मांग किए जाने के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसी वजह से संगठन ने कार्य बहिष्कार का रास्ता अपनाया है। सदर तहसील लेखपाल संघ के अध्यक्ष प्रदीप पटेल ने प्रदर्शन के दौरान प्रशासन को आंदोलन और व्यापक करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि लेखपालों की मांगों का जल्द निस्तारण नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रदर्शन कर रहे लेखपालों ने कहा कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनकी मांगों का स्थायी निस्तारण होने तक कार्य बहिष्कार और आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है। UP News :
लेखपालों के कार्य बहिष्कार का सीधा असर राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों पर पड़ने की संभावना है। आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से संबंधित रिपोर्ट, खतौनी संशोधन, भूमि पैमाइश और राजस्व मामलों से जुड़े कई काम लेखपालों के स्तर पर होते हैं। कार्य बहिष्कार जारी रहने पर इन कामों के लिए तहसीलों और संबंधित कार्यालयों में पहुंचने वाले लोगों को इंतजार करना पड़ सकता है। भूमि विवाद, पैमाइश और खतौनी से जुड़े मामलों में भी काम प्रभावित होने की आशंका है।
लेखपालों के कार्य बहिष्कार के बाद अब प्रशासन के सामने आंदोलन समाप्त कराने की चुनौती है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समाधान की मांग दोहराई है। वहीं आम लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन की ओर से गतिरोध खत्म करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। यदि कार्य बहिष्कार लंबा चलता है तो राजस्व विभाग से जुड़े कामों के लिए आवेदन करने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन और लेखपाल संगठन के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकलना महत्वपूर्ण होगा। UP News :
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