बिजनौर के नगीना थाना क्षेत्र के बिजहेरी गांव के आसपास कई दिनों से घूम रहा तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ रात के दौरान फंस गया। रेंजर प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में टीम ने उसे सुरक्षित कृषि अनुसंधान केंद्र, नगीना पहुंचाया।

UP News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में कई दिनों से ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना तेंदुआ आखिरकार पिंजरे में कैद हो गया। नगीना थाना क्षेत्र के बिजहेरी गांव के आसपास तेंदुए की लगातार आवाजाही से लोगों में दहशत का माहौल था। ग्रामीण खेतों पर जाने से भी कतरा रहे थे। वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ फंसने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।
जानकारी के अनुसार, बिजनौर के नगीना थाना क्षेत्र स्थित बिजहेरी गांव और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही थी। जंगली जानवर की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में डर बना हुआ था। लोग अकेले खेतों की ओर जाने से भी बच रहे थे। ग्रामीणों की ओर से लगातार शिकायतें किए जाने के बाद वन विभाग ने इलाके में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। विभाग की इस कार्रवाई के बाद से ही तेंदुए के पकड़े जाने का इंतजार किया जा रहा था।
बताया गया है कि बीती रात तेंदुआ शिकार की तलाश में पिंजरे के पास पहुंचा। अंदर रखे चारे की ओर बढ़ने के दौरान वह पिंजरे में कैद हो गया। सुबह ग्रामीणों ने जब तेंदुए को पिंजरे में देखा तो इलाके में हलचल मच गई। तेंदुए को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। इस दौरान कुछ लोग अपनी जान जोखिम में डालकर वीडियो बनाते भी नजर आए। ऐसी गतिविधियों को लेकर प्रशासन ने चेतावनी दी है। जंगली जानवर के नजदीक जाना या उसके पिंजरे के पास भीड़ लगाना खतरनाक हो सकता है। UP News:
तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलने पर रेंजर प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सावधानी बरतते हुए पिंजरे को अपने कब्जे में लिया और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से कृषि अनुसंधान केंद्र, नगीना ले जाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तेंदुए को सुरक्षित जंगल में छोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। इस प्रक्रिया में वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा उपाय महत्वपूर्ण रहेंगे।
कई दिनों से तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चिंतित ग्रामीणों ने उसके पिंजरे में कैद होने के बाद राहत महसूस की है। खेतों में काम करने और गांव के आसपास आने-जाने को लेकर बना डर अब कम होने की उम्मीद है। हालांकि, वन्यजीव विशेषज्ञों और प्रशासन की सलाह है कि तेंदुए जैसे जंगली जानवर से दूरी बनाए रखनी चाहिए। उसे देखने के लिए भीड़ जुटाने या वीडियो बनाने के लिए करीब जाने से बचना चाहिए। फिलहाल, वन विभाग की टीम तेंदुए को सुरक्षित रखने और आगे की कार्रवाई में जुटी है। ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर है कि तेंदुए को कब और किस स्थान पर जंगल में छोड़ा जाता है। UP News:
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