उत्तर प्रदेश का यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और झांसी डिफेंस कॉरिडोर से जुड़कर जिले की भौगोलिक और औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश आकर्षित होगा और जिले की आर्थिक संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएंगी।

UP News : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में झांसी लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश का यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और झांसी डिफेंस कॉरिडोर से जुड़कर जिले की भौगोलिक और औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश आकर्षित होगा और जिले की आर्थिक संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएंगी।
प्रोजेक्ट के तहत 1677 एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र में फैक्ट्रियां, गोदाम, होटल, ढाबे, पेट्रोल पंप और छोटे उद्योग बसेंगे। इसके साथ ही परिवहन, लॉजिस्टिक्स, व्यापार और सेवा क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर खुलेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण को भी यह बढ़ावा देगा।
प्रोजेक्ट से जुड़े गांवों के किसान उत्साहित हैं। उनका कहना है कि पहली बार उनका क्षेत्र किसी बड़े एक्सप्रेसवे से जुड़ रहा है। इसके चलते उनकी जमीनों का मूल्य बढ़ेगा, और जीवन स्तर में सुधार की संभावना बढ़ेगी। प्रशासन ने भूमि मूल्यांकन और मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी रखने का भरोसा किसानों को दिया है।
पहले चरण में उरई तहसील के डकोर ब्लॉक के नौ राजस्व गांव शामिल किए गए हैं, जिनमें हैं फूलपुरा, टिमरो, गोरन, जैसारी कला, बरसार, किशोरा, कोटरा, हिलगना, नंधा। इन गांवों में भूमि सर्वे और सीमांकन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। प्रशासन की टीमें गांवों में पहुंचकर प्रारंभिक सर्वे कर रही हैं और किसानों से संवाद स्थापित कर रही हैं, ताकि भूमि अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने परियोजना को तेज गति देने के लिए ध्रुव कंसल्टेंसी सर्विस लिमिटेड को परामर्शी कंपनी के रूप में नियुक्त किया है। कंपनी को नौ गांवों के बंदोबस्ती नक्शे उपलब्ध करा दिए गए हैं, और टीम तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है। एडीएम संजय कुमार के अनुसार, यह परियोजना जालौन जिले के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे बनने से उद्योग, निवेश, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। प्रशासन भूमि सर्वे, सीमांकन और मुआवजा प्रक्रिया को तेज गति से पूरा करने में लगा हुआ है।