प्रदेश में 1 अप्रैल से नई आबकारी नीति लागू होने जा रही है, जिसके साथ ही शराब के शौकीनों को अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। राज्य सरकार ने राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से देसी, अंग्रेजी शराब और बीयर तीनों श्रेणियों की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल से नई आबकारी नीति लागू होने जा रही है, जिसके साथ ही शराब के शौकीनों को अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। राज्य सरकार ने राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से देसी, अंग्रेजी शराब और बीयर तीनों श्रेणियों की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है।
नई नीति के तहत देसी शराब की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां देसी शराब की एक बोतल करीब 165 में मिलती थी, अब यह बढ़कर लगभग 170 से173 तक पहुंच सकती है। वहीं अंग्रेजी (विदेशी/ब्रांडेड) शराब की कीमतों में ज्यादा इजाफा देखने को मिलेगा। विभिन्न ब्रांड्स के अनुसार कीमतों में 10 से 30 रुपये तक की बढ़ोतरी संभव है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।
नई आबकारी नीति में बीयर को लेकर भी अहम बदलाव किए गए हैं। सरकार ने बीयर की लाइसेंस फीस में लगभग 7.5% की बढ़ोतरी की है। इसका असर बाजार में बिकने वाली बीयर की कीमतों पर पड़ेगा। कंपनियां और ब्रांड अपने हिसाब से कीमतें तय करेंगी।
हालांकि अंतिम कीमत ब्रांड और पैकेजिंग के आधार पर अलग-अलग हो सकती है, लेकिन यह तय है कि बीयर पहले से महंगी होगी।
राज्य सरकार का यह कदम मुख्य रूप से आबकारी राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। हर साल शराब से सरकार को बड़ी आय होती है। कीमतों में बढ़ोतरी से राजस्व में और इजाफा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही सरकार शराब बिक्री प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में भी काम कर रही है।
नई नीति में सिर्फ कीमतें ही नहीं बढ़ाई गईं, बल्कि कई संरचनात्मक बदलाव भी किए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में देसी शराब की दुकानों की संख्या कम की जाएगी। ग्रामीण इलाकों में दुकानों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। दुकानों का आवंटन अब ई-लॉटरी सिस्टम के जरिए होगा। अवैध बिक्री पर नियंत्रण के लिए सख्त निगरानी की जाएगी। इन बदलावों का उद्देश्य सिस्टम को पारदर्शी बनाना और अनियमितताओं को कम करना है।
नई कीमतों के लागू होने के बाद शराब खरीदने पर खर्च बढ़ेगा। बीयर और प्रीमियम ब्रांड्स की मांग प्रभावित हो सकती है। कुछ उपभोक्ता खपत कम कर सकते हैं। हालांकि सरकार को उम्मीद है कि इससे राजस्व में सकारात्मक वृद्धि होगी। कुल मिलाकर, नई आबकारी नीति के साथ यूपी में शराब की कीमतों में इजाफा तय है, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ेगा, लेकिन सरकार के खजाने को मजबूती मिलने की संभावना है।