प्रदेश में 1 अप्रैल से नई आबकारी नीति लागू हो गई है, जिसके साथ ही शराब के दामों में बढ़ोतरी का असर बाजार में दिखाई देने लगा है। राज्य सरकार ने राजस्व बढ़ाने और शराब कारोबार को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल से नई आबकारी नीति लागू हो गई है, जिसके साथ ही शराब के दामों में बढ़ोतरी का असर बाजार में दिखाई देने लगा है। राज्य सरकार ने राजस्व बढ़ाने और शराब कारोबार को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। नई दरों के लागू होते ही देसी शराब, अंग्रेजी शराब और बीयर तीनों श्रेणियों में कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। लोग एक दूसरे से कहते नजर आ रहे हैं महंगी हुई शराब, थोड़ी-थोड़ी पिया करो।
सरकार का लक्ष्य नई आबकारी नीति के जरिए राज्य की आय में उल्लेखनीय वृद्धि करना है। अधिकारियों के अनुसार, शराब बिक्री से मिलने वाला राजस्व प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देता है। ऐसे में दरों में वृद्धि कर आय बढ़ाने की रणनीति अपनाई गई है।
इसके साथ ही सरकार अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने और लाइसेंस प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में भी काम कर रही है।
नई नीति के तहत शराब की कीमतों में श्रेणी के हिसाब से बढ़ोतरी की गई है:
* अंग्रेजी शराब के दाम में लगभग 10 से 30 रुपये तक इजाफा
* देसी शराब की कीमत में 5 तक की बढ़ोतरी
* बीयर के दाम भी पहले की तुलना में महंगे हुए।
हालांकि, अलग-अलग ब्रांड, शहर और दुकानों के अनुसार कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।
नई दरों के लागू होने के बाद :
* आम उपभोक्ताओं को अधिक खर्च करना पड़ेगा
* बार, होटल और रेस्टोरेंट में शराब का बिल बढ़ सकता है
* शादी, पार्टी और अन्य आयोजनों का बजट भी प्रभावित होगा।
विक्रेताओं का मानना है कि शुरुआती दिनों में बिक्री पर हल्का असर पड़ सकता है, लेकिन समय के साथ बाजार नई कीमतों के अनुरूप खुद को ढाल लेगा।
सरकार का फोकस सिर्फ राजस्व बढ़ाना ही नहीं, बल्कि शराब वितरण प्रणाली को बेहतर बनाना भी है। नई नीति के तहत :
* लाइसेंस प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाएगा
* अवैध तस्करी और नकली शराब पर सख्ती बढ़ेगी
* निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।
इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में उत्पाद उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई आबकारी नीति का असर आने वाले महीनों में और स्पष्ट होगा। सरकार को जहां राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है, वहीं यह भी देखा जाएगा कि बढ़ी हुई कीमतों का उपभोक्ता व्यवहार और बिक्री पर कितना प्रभाव पड़ता है। उत्तर प्रदेश में लागू हुई नई आबकारी नीति ने एक ओर सरकार के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है, तो दूसरी ओर आम लोगों के लिए शराब अब पहले से महंगी हो गई है। आने वाले समय में यह नीति बाजार, उपभोग और नियंत्रण व्यवस्था पर क्या असर डालती है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।