पुलिस ने शास्त्रीपुरम निवासी शैलेंद्र की शिकायत के बाद आरोपी नारायण को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में अपने साथी दिल्ली निवासी सन्नी उर्फ प्रमोद और संजेश के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस अब बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

UP News : आगरा में साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोगों के आधार कार्ड की जानकारी का गलत इस्तेमाल कर बैंकों और फाइनेंस कंपनियों से लोन करवा रहा था। इस गिरोह ने पिछले पांच साल में 250 से अधिक पीड़ितों को निशाना बनाते हुए करोड़ों रुपये की ठगी की है।
पुलिस ने शास्त्रीपुरम निवासी शैलेंद्र की शिकायत के बाद आरोपी नारायण को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में अपने साथी दिल्ली निवासी सन्नी उर्फ प्रमोद और संजेश के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस अब बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
गिरोह के सदस्य पीड़ितों के आधार कार्ड की फोटो और पता बदलकर बैंक और फाइनेंस कंपनियों के पास लोन आवेदन जमा करते थे। इसके अलावा, उन्होंने पीड़ितों की सिबिल रिपोर्ट में नई ईमेल आईडी जोड़कर प्रक्रिया को और ठगी के लिए अनुकूल बनाया।
शैलेंद्र जैसे पीड़ितों को तब शक हुआ जब फाइनेंस कंपनी ने उनके नाम पर किए गए मोबाइल और अन्य लोन की किस्तें मांगनी शुरू कर दीं। जांच में सामने आया कि उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग कर मोबाइल फाइनेंस कराया गया था।
साइबर अपराध विशेषज्ञों के अनुसार, अपने आधार और बैंक खाते की जानकारी को आॅनलाइन सुरक्षित रखें। किसी भी अनजान कॉल या ईमेल पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। नियमित रूप से अपने बैंक स्टेटमेंट और सिबिल रिपोर्ट की जांच करना भी जरूरी है ताकि समय रहते किसी भी धोखाधड़ी का पता चल सके। UP News